Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया का त्योहार इस साल 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर हैं। फिलहाल सोना करीब ₹1.52 रुपये लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.72 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास चल रही है। ऐसे में कई लोग सोच रहे हैं कि क्या पहले से बुकिंग (pre-booking) करना सही रहेगा या नहीं।
क्या है प्री-बुकिंग और कैसे काम करती है?
प्री-बुकिंग में ग्राहक पहले कुछ एडवांस आमतौर पर 10%–25% देकर सोने या चांदी का रेट लॉक कर लेते हैं। बाद में अक्षय तृतीया के दिन बाकी रकम देकर ज्वैलरी ले सकते हैं। कई ज्वैलर्स ऐसी स्कीम चलाते हैं, जहां अगर कीमत बढ़ जाती है तो ग्राहक को पहले वाला रेट मिलता है, और अगर कीमत घटती है तो कम रेट का फायदा दिया जाता है।
प्री-बुकिंग के फायदे क्या हैं?
सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप बढ़ती कीमतों से बच सकते हैं। त्योहार के आसपास सोने-चांदी की मांग बढ़ती है, जिससे कीमतें ऊपर जा सकती हैं। ऐसे में पहले से बुकिंग करने पर आप पुराने रेट पर खरीद सकते हैं। इसके अलावा कई ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज पर छूट, कैशबैक या छोटे गिफ्ट भी देते हैं। साथ ही आपको आखिरी समय की भागदौड़ से भी राहत मिलती है।
प्री-बुकिंग में कुछ जोखिम भी होते हैं। अगर बाद में कीमत गिर जाती है और स्कीम में लोअर प्राइस बेनिफिट नहीं है, तो आपको ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसके अलावा एडवांस देने के बाद पैसा कुछ समय के लिए लॉक हो जाता है। कई बार कैंसिल करने पर 2–5% तक कटौती भी हो सकती है। मेकिंग चार्ज भी बाद में बढ़ाए जा सकते हैं, इसलिए शर्तें ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
क्या अभी प्री-बुकिंग करनी चाहिए?
अभी कीमतें ऊपर जा सकती हैं, इसलिए प्री-बुकिंग फायदेमंद हो सकती है। कीमतों में ज्यादा तेजी नहीं आएगी, इसलिए जल्दबाजी जरूरी नहीं है, ऐसा कई एक्सपर्ट का मानना है। साफ बात यह है कि प्री-बुकिंग तभी करें जब ज्वैलर की शर्तें साफ हों और आपको स्कीम पूरी तरह समझ आ जाए।
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें।
ज्वैलर की शर्तें और कैंसिलेशन पॉलिसी जरूर पढ़ें।
मेकिंग चार्ज और अन्य खर्च पहले ही स्पष्ट कर लें।
अगर सिर्फ निवेश करना है, तो डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF भी विकल्प हो सकते हैं।