रिटायरमेंट बाद के खर्च के लिए अभी से इनवेस्ट करना जरूरी है। सही रिटायरमेंट प्लानिंग से तब आप चैन की नींद सो सकेंगे, जब आपके बैंक अकाउंट में हर महीने सैलरी के पैसे आने बंद हो जाएंगे। लेकिन, इस लक्ष्य को हासिल करना आसान काम नहीं है। खासकर तब जब इंटरेस्ट रेट में कमी का ट्रेंड है। अगस्त की मॉनेटरी पॉलिसी में आरबीआई ने रेपो रेट में कमी नहीं की। हालांकि, वह इस साल रेपो रेट में 1 फीसदी यानी 100 बेसिस प्वाइंट्स की कमी कर चुका है। इससे फिक्स्ड सेविंग्स प्रोडक्ट्स के इंटरेस्ट रेट में भी कमी आई है।
