स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने MCLR 10 बेसिस प्वॉइंट्स बढ़ा दिया है। MCLR का मतलब Marginal Cost of Lending Rate है। इससे लोन के नए और पुराने कस्टमर्स की EMI बढ़ जाएगी। एमसीएलआर में वृद्धि 15 जुलाई (शुक्रवार) से प्रभावी होगी।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने MCLR 10 बेसिस प्वॉइंट्स बढ़ा दिया है। MCLR का मतलब Marginal Cost of Lending Rate है। इससे लोन के नए और पुराने कस्टमर्स की EMI बढ़ जाएगी। एमसीएलआर में वृद्धि 15 जुलाई (शुक्रवार) से प्रभावी होगी।
बैंकों के लोन के लिए MCLR बेंचमार्क होता है। इसमें वृद्धि होने पर लोन की ब्याज दर बढ़ जाती है। इसमें कमी होने पर लोन का इंटरेस्ट रेट घट जाता है। RBI ने इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए रेपो रेट को मई और जून में बढ़ाया है। इसके बाद बैंक MCLR बढ़ा रहे हैं।
एसबीआई ने MCLR में वृद्धि का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि एक साल के लोन के लिए एमसीएलआर 7.40 से बढ़कर 7.50 फीसदी हो गया है। छह महीने के लोन के लिए एमसीएलआर 7.35 से बढ़कर 7.45 फीसदी हो गया है। दो साल और तीन साल के लिए एमसीएलआर 7.70 फीसदी से बढ़कर 7.80 फीसदी हो गया है।
इस साल अप्रैल से SBI अपने एमसीएलआर को बढ़ा रहा है। जून में उसने एमसीएलआर को 20 बेसिस प्वॉइंट्स बढ़ा दिया था। हाल में एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने भी अपने एमसीएलआर रेट्स बढ़ाए हैं। एचडीएफसी ने सभी अवधि के लोन के लिए एमसीएलआर बढ़ाया है। आईसीआईसीआई बैंक ने सभी अवधि के लिए एमसीएलआर 20 बेसिस प्वॉइंट्स बढ़ाया है।
RBI ने इस साल मई में रेपो रेट 0.40 फीसदी बढ़ाया था। फिर, उसने जून में रेपो रेट 0.50 फीसदी बढ़ा दिया। दो बार वृद्धि के बाद रेपो रेट 0.90 फीसदी बढ़ गया है। अभी रेपो रेट 4.90 फीसदी है। तेजी से बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए रेपो रेट बढ़ाया है। अनुमान है कि अगस्त के पहले हफ्ते में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में वह एक बार फिर रेपो रेट बढ़ा सकता है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।