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Budget 2026 Expectations: क्या टैक्स का 30% स्लैब बढ़ाने और इसे इनफ्लेशन से लिंक्ड करने का ऐलान होगा?

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि रियल इनकम पर इनफ्लेशन के असर को देखते हुए 30 फीसदी इनकम टैक्स स्लैब को बढ़ाया जाना चाहिए। अभी इनकम टैक्स की नई रीजीम में 24 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 19, 2026 पर 4:05 PM
Budget 2026 Expectations: क्या टैक्स का 30% स्लैब बढ़ाने और इसे इनफ्लेशन से लिंक्ड करने का ऐलान होगा?
सैलरीड टैक्सपेयर्स का मानना है कि टैक्स स्लैब में वृद्धि इनफ्लेशन से लिंक्ड होनी चाहिए। इससे टैक्सपेयर्स को लिविंग कॉस्ट के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा।

सैलरी इंक्रीमेंट सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन कई मिडिल क्लास परिवारों के पर्चेंजिंग पावर में इससे इजाफा नहीं हुआ है। इसकी वजह इनफ्लेशन है। इससे कॉस्ट ऑफ लिविंग, हेल्थकेयर, एजुकेशन और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो गई हैं। कई टैक्सपेयर्स 30 फीसदी टैक्स ब्रैकेट में आ गए हैं, जबकि खर्च करने की उनकी क्षमता नहीं बढ़ी है। सैलरीड टैक्सपेयर्स का मानना है कि टैक्स स्लैब में वृद्धि इनफ्लेशन से लिंक्ड होनी चाहिए। इससे टैक्सपेयर्स को लिविंग कॉस्ट के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा।

30 फीसदी टैक्स स्लैब को बढ़ाने की सलाह

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि रियल इनकम पर इनफ्लेशन के असर को देखते हुए 30 फीसदी इनकम टैक्स स्लैब को बढ़ाया जाना चाहिए। अभी इनकम टैक्स की नई रीजीम में 24 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है। डीएम हरीश एंड कंपनी के पार्टनर अनिल हरीष ने कहा, "लो स्लैब की वजह से नौकरी शुरू करने वाले लोग भी टॉप ब्रैकेट में आ रहे हैं। यंग इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स इसके उदाहरण हैं। इससे टैक्स कंट्रिब्यूशन की जगह बोझ लगने लगता है।"

स्लैब में सालाना एडजस्टमेंट सीपीआई से लिंक्ड होना चाहिए

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