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Budget 2026 में स्मॉल टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा प्रस्ताव, लोअर या निल टीडीएस सर्टिफिकेट लेने के नियम होंगे आसान

इनकम टैक्स के मौजूदा नियम में जब कभी कोई व्यक्ति प्रोफेशनल फीस या कंसल्टेंसी चार्जेज जैसे खास पेमेंट करता है तो 10 फीसदी तय रेट से टीडीएस कटता है। हालांकि, कई मामलों में पैसा पाने वाले (recipient) की असल टैक्स लायबिलिटी काफी कम होती है

Abhishek Anejaअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 7:50 PM
Budget 2026 में स्मॉल टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा प्रस्ताव, लोअर या निल टीडीएस सर्टिफिकेट लेने के नियम होंगे आसान
इस प्रस्ताव से ऐसे फ्रीलासंर्स, प्रोफेशनल्स, कंसल्टेंट्स और दूसरे टैक्सपेयर्स को फायदा होगा, जिन्हें कम टैक्स लायबिलिटी होने के बावजूद ज्यादा टीडीएस डिडक्शंस का सामना करना पड़ता है।

सरकार ने बजट 2026 में स्मॉल टैक्सपेयर्स के लिए कंप्लायंस को आसान बनाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत लोअर या निल टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) सर्टिफिकेट्स हासिल करने के प्रोसेस को आसान और टेक्नोलॉजी आधारित बनाने का प्रस्ताव है।

इस प्रस्ताव से ऐसे फ्रीलासंर्स, प्रोफेशनल्स, कंसल्टेंट्स और दूसरे टैक्सपेयर्स को फायदा होगा, जिन्हें कम टैक्स लायबिलिटी होने के बावजूद ज्यादा टीडीएस डिडक्शंस का सामना करना पड़ता है। बाद में उन्हें अपने प्रोफेशनल या बिजनेस रिसीट्स से काटे गए ज्यादा टीडीएस के रिफंड के लिए क्लेम करना पड़ता है।

इनकम टैक्स के मौजूदा नियम में जब कभी कोई व्यक्ति प्रोफेशनल फीस या कंसल्टेंसी चार्जेज जैसे खास पेमेंट करता है तो 10 फीसदी तय रेट से टीडीएस कटता है। हालांकि, कई मामलों में पैसा पाने वाले (recipient) की असल टैक्स लायबिलिटी काफी कम होती है। कई बार तो यह टोटल रिसीट्स का सिर्फ 2-3 फीसदी होती है। इससे ज्यादा टैक्स काट लिया जाता है और टैक्सपेयर को रिफंड के लिए इंतजार करना पड़ता है। इनकम टैक्स रिफंड फाइल करने के बाद रिफंड मिलता है। इस बीच उसके कैस फ्लो पर असर पड़ता है।

इस प्रॉब्लम के समाधान के लिए इनकम टैक्स कानून में टैक्सपेयर्स को लोअर या निल टीडीएस सर्टिफिकेट्स के लिए अप्लाई करने की इजाजत दी गई है। इससे पेमेंट करने वाले व्यक्ति कम रेट से टैक्स काटता है। अभी इस अप्लिकेशन को एसेसिंगक अफसर के पास सब्मिट करना पड़ता है। इसके लिए मैनुअल और ऑफिस आधारित प्रोसेस है। यह छोटे और बड़े टैक्सपेयर्स के लिए एक जैसा है। इस प्रोसेस में काफी समय लग जाता है और प्रोफेशनल मदद की भी जरूरत पड़ती है।

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