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Budget 2026: पुराने और नए टैक्स सिस्टम को मिलाकर सरल कर ढांचा बनाने की जरूरत, 3 से ज्यादा न हों स्लैब: यशवंत सिन्हा

Budget 2026: नई आयकर व्यवस्था में 6 टैक्स स्लैब हैं। सिन्हा ने कहा कि नई आयकर व्यवस्था भी भारी भ्रम पैदा करती है। नई और पुरानी को मिलाकर एक ऐसी कर व्यवस्था बनाने की जरूरत है, जो लोगों को आसानी से समझ में आए

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jan 27, 2026 पर 4:05 PM
Budget 2026: पुराने और नए टैक्स सिस्टम को मिलाकर सरल कर ढांचा बनाने की जरूरत, 3 से ज्यादा न हों स्लैब: यशवंत सिन्हा
वित्त वर्ष 2026-27 का बजट 1 फरवरी को लोकसभा में पेश होगा।

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा का कहना है कि पुरानी और नई आयकर व्यवस्था को मिलाकर एक सरल टैक्स स्ट्रक्चर बनाया जाना चाहिए और स्लैब 3 से ज्यादा नहीं होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था में जरूरी वृद्धि के लिए निवेश आवश्यक है। ऐसे में निवेश के प्रमुख स्रोत घरेलू बचत को बढ़ावा देने के उपाय किए जाने चाहिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 का बजट 1 फरवरी को लोकसभा में पेश करेंगी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक, सिन्हा ने बजट को लेकर उम्मीदों के बारे में कहा, ‘‘बजट में दो बातें महत्वपूर्ण हैं...सरकार कितना घाटा बजट में उठाएगी और टैक्स का क्या होगा। इन सब पर निर्भर करेगा कि ग्रोथ को कितना बढ़ावा मिलेगा। एक चुनौती राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के अंदर रखने की है। दूसरा, राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के दायरे में रखना है तो पूंजीगत खर्च का क्या होगा।’’

वर्ष 1990-91 और 1998 से लेकर 2002 तक वित्त मंत्री रहे सिन्हा ने कहा, ‘‘अभी सरकारी पूंजीगत खर्च की काफी जरूरत है क्योंकि निजी क्षेत्र निवेश नहीं कर रहा है। यह एक बड़ी चुनौती है कि निजी क्षेत्र का निवेश कैसे बढ़ाया जाए। वित्त मंत्री निजी क्षेत्र से बार-बार निवेश बढ़ाने की अपील कर रही हैं। पर निजी क्षेत्र तभी निवेश बढ़ाएगा, जब मांग बढ़ेगी। कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 100 या 120 प्रतिशत हो तभी नई कैपेसिटी एड करने के लिए निवेश होगा। यह स्थिति अभी आई ही नहीं है। इसीलिए नया निवेश नहीं हो रहा।’’

टैक्स के मोर्चे पर स्थिरता होना बहुत जरूरी

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