एक आईटी फर्म में काम करने वाले अंकित पटेल ने 2014 में बेंगलुरु से मुंबई शिफ्ट करने पर किराए का घर लेने का फैसला किया। लेकिन, कुछ ही महीने बाद उन्हें हर महीने 35,000 रुपये किराया देना खटकने लगा। उन्होंने घर खरीदकर मुंबई में बस जाने का फैसला किया। उनका मानना था कि अपना घर खरीदने के फैसले से दो तरह से फायदा हो सकता है। पहला, उन्हें किराए के घर में रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दूसरा, कुछ सालों में घर की कीमत काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने घर खरीदने के लिए 60 लाख का लोन ले लिया, जिसकी ईएमआई करीब 60,000 रुपये थी।
