Sukanya Samriddhi Yojana: क्या सुकन्या समृद्धि योजना में इनवेस्ट कर आप बेटी के MBA की फीस जुटा सकते हैं? ये कैलकुलेशन चौंका देगा

Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न देती है, लेकिन क्या यह अकेले 20 साल बाद बेटी के MBA जैसी महंगी पढ़ाई का खर्च उठा पाएगी? एक कैलकुलेशन दिखाता है कि एजुकेशन इन्फ्लेशन के सामने सिर्फ SSY पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।

अपडेटेड May 12, 2026 पर 2:42 PM
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MBA डिग्री 21 साल बाद करीब 1.48 करोड़ रुपये की हो सकती है।

Sukanya Samriddhi Yojana: बेटी की पढ़ाई के लिए निवेश करना हर परिवार की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी वजह से सुकन्या समृद्धि योजना यानी SSY काफी लोकप्रिय हो चुकी है। सरकार की गारंटी वाली इस योजना में सुरक्षित निवेश, टैक्स छूट और तय ब्याज का फायदा मिलता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ इसी योजना के भरोसे 20 साल बाद की महंगी पढ़ाई का खर्च उठाया जा सकता है? आंकड़े बताते हैं कि शायद नहीं।

21 साल में कितना बन सकता है फंड

अब मान लीजिए माता-पिता बेटी के पहले जन्मदिन से हर साल 1.5 लाख रुपये निवेश करना शुरू करते हैं। यह इस योजना की अधिकतम सीमा है। नियमों के मुताबिक 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, जबकि अकाउंट 21 साल बाद मैच्योर होता है।


अगर मौजूदा 8.2 फीसदी ब्याज दर पूरे समय बनी रहती है, तो 15 साल में कुल निवेश 22.5 लाख रुपये होगा। यह रकम योगदान अवधि खत्म होने तक करीब 44.75 लाख रुपये बन सकती है। वहीं 21 साल की मैच्योरिटी पर फंड बढ़कर लगभग 71.82 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।

फिर भी क्यों कम पड़ सकता है पैसा

पहली नजर में करीब 72 लाख रुपये का फंड काफी बड़ा लगता है। लेकिन असली चुनौती एजुकेशन इन्फ्लेशन है। शिक्षा का खर्च सामान्य महंगाई से कहीं तेजी से बढ़ रहा है।

Finnovate के को-फाउंडर और CEO नेहल मोटा के मुताबिक आज किसी बड़े B-school यानी बिजनेस स्कूल से दो साल का MBA करने में करीब 20 लाख रुपये तक खर्च हो सकते हैं। इसमें फीस, रहने का खर्च और दूसरे अकादमिक खर्च शामिल हैं। अगर एजुकेशन इन्फ्लेशन 10 फीसदी सालाना की दर से बढ़ता रहा, तो यही MBA डिग्री 21 साल बाद करीब 1.48 करोड़ रुपये की हो सकती है।

SSY का फंड कितना पीछे रह सकता है

अगर 21 साल बाद MBA की लागत 1.48 करोड़ रुपये पहुंचती है और SSY से करीब 71.82 लाख रुपये का फंड बनता है, तो दोनों के बीच करीब 76 लाख रुपये का अंतर रह जाएगा।

यानी नियमित निवेश और 8.2 फीसदी गारंटीड रिटर्न के बावजूद यह योजना भविष्य की शिक्षा लागत का आधे से भी कम हिस्सा कवर कर पाएगी।

एक्सपर्ट क्या सलाह दे रहे हैं

फाइनेंशियल प्लानर्स का कहना है कि सुरक्षित योजनाएं लंबे समय के लक्ष्यों के लिए मजबूत आधार जरूर देती हैं, लेकिन सिर्फ इन्हीं पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं मानी जाती।

नेहल मोटा के मुताबिक सुकन्या समृद्धि योजना छोटे और सुरक्षित लक्ष्यों के लिए अच्छी योजना है। हालांकि, टॉप कॉलेजों की महंगी पढ़ाई के लिए इसके साथ दूसरे निवेश विकल्प भी जरूरी हो सकते हैं।

सिर्फ सुरक्षित योजना काफी नहीं

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि 15-20 साल दूर के लक्ष्यों के लिए म्यूचुअल फंड्स और इक्विटी से जुड़े निवेशों को भी पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहिए। इनमें जोखिम ज्यादा होता है, लेकिन लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना भी रहती है।

हालांकि SSY अब भी सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले लोगों के लिए मजबूत विकल्प है। इसमें सरकारी गारंटी, टैक्स लाभ और अनुशासित निवेश का फायदा मिलता है। लेकिन अगर लक्ष्य भविष्य में बड़ी प्रोफेशनल डिग्री या महंगी उच्च शिक्षा है, तो सिर्फ इसी योजना पर निर्भर रहना आगे चलकर फंड की कमी पैदा कर सकता है।

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