Consumer Adda : ई-कॉमर्स जब भारत में आया तो इसने लोगों की आदत बदल दी। आज अमेजॉन से सामान मंगाना हो या 10 मिनट में ब्लिंकिट से राशन, हमारी उंगलियों ने क्लिक करना सीख लिया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा था कि जिस 'कामवाली बाई' के लिए हम मोहल्ले के नेटवर्क पर निर्भर रहते थे,अब वो भी बस एक ऐप के 'सिंगल टैप' पर आपके दरवाजे पर होगी? जी हां, बड़े शहरों में अब घरेलू कामकाज का असंगठित क्षेत्र एक बड़ी डिजिटल क्रांति के दौर से गुजर रहा है। लेकिन सवाल है कि अब ये'क्लीनिंग और कुकिंग'ऐप्स हमारे घरों के भीतर के रिश्तों और काम करने के तरीकों को भी बदल देंगे? क्या यह बदलाव घरेलू कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाएगा या फिर ये एक 'गिग इकोनॉमी'का ए नया जाल है? यहां आज हम इसी पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
