लोन का गारंटर बनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो बढ़ जाएगी मुसीबत

लोन का गारंटर उस शख्स को कहा जाता है। जिस पर कर्ज नहीं चुकाने की हालत में कर्ज चुकाने की कानूनी जिम्मेदारी होती है

अपडेटेड Aug 26, 2022 पर 9:46 AM
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लोन गारंटर उसी के लिए बनें जिसे आप अच्छी तरह से जानते हैं।

जब कोई व्यक्ति बैंक (Bank) से लोन के लिए अप्लाई करता है तब उसे गारंटर की भी जरूरत पड़ती है। लेकिन गारंटर बनना सिर्फ एक औपचारिक्ता नहीं है। गारंटर बनने पर आपकी भी कुछ जिम्मेदारी निश्चित हो जाती हैं। अगर आप किसी दूसरे के लिए लोन के गारंटर (Loan guarantor) बनते हैं तो इसके कई वित्तीय मतलब (Financial mean) भी होते हैं। अगर लोन लेने वाला व्यक्ति समय पर अपना लोन नहीं चुकाता है तो गारंटर के लिए मुश्किल बढ़ सकती है। बैंक या कोई भी वित्तीय संस्थान बगैर गारंटर के लोन नहीं देते हैं।

जानिए क्या है लोन गारंटर के नियम

लोन का गारंटर उस शख्स को कहा जाता है। जिस पर लोन लेना वाला शख्स अगर लोन नहीं चुका पाता है तो गारंटर को लोन चुकाने की कानूनी जिम्मेदारी होती है। लोन गारंटर बनने के लिए कई डॉक्यूमेंट्स में हस्ताक्षर करना होता है। इसका अर्थ है कि आप गारंटर बनने का मतलब जानते हैं और सोच-समझ कर ही गारंटर बन रहे हैं। नियमों के मुताबिक किसी लोन की गारंटी देने वाला व्‍यक्ति भी लोन लेने वाले व्‍यक्ति के बराबर कर्जदार होता है। डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक पहले कर्जदार को नोटिस भेजता है। उसका जवाब नहीं आने पर कर्जदार के साथ ही गारंटर को भी नोटिस भेजा जाता है। बैंक जितना हो सकेगा कर्जदार से ही वसूली की कोशिश करेगा। लेकिन असफल रहने पर गारंटर को भी डिफॉल्ट के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।

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कब जरूरी होता है गारंटर?

बैंक सभी लोन के लिए गारंटर पर जोर नहीं देते हैं। लेकिन, जब गारंटी पर्याप्‍त नहीं होती है और उन्‍हें कर्ज के चुकाए जाने पर संदेह होता है। ऐसी स्थिति में वो गारंटर के लिए कहते हैं। बड़ी राशि के लोन के लिए गारंटर का होना जरूरी है।

इन बातों का रखें ध्यान

आप अपने आप से पूछिए कि क्या आप अपनी क्षमता पर बैंक से लोन लेकर किसी और को उधार दे सकते हैं। जिस लोन पर आप गारंटी दे रहे हैं। उसमें कोई रिस्क तो नहीं है। सिबिल केवल कर्जदारों की सूचनाएं ही नहीं जुटाता है, बल्कि गारंटी देने वालों का रिकॉर्ड भी रखता है। जिस लोन की आपने गारंटी दी है। वह कर्ज भी आपने ही लिया है, यही माना जाता है। ऐसे में कर्जदार अगर लोन नहीं चुकाता है तो गारंटर का क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है।

इंश्योरेंस लेने के लिए कहें

आप जिसके लिए लोन के गारंटर बन रहे हैं। उससे अपने लोन का इंश्योरेंस (Insurance) कराने के लिए कहें। किसी भी कारण से लोन लेने वाले की मृत्यु या अन्य किसी घटना से लोन वापस करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की होती है। ऐसे में आपकी मुश्किल नहीं बढ़ती है।

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