प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को नोएडा के करीब जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन कर दिया। इस दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू, यूपी की गवर्नर आनंदीबेन पटेल और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। पहले चरण पर कुल 11,200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में तैयार किया गया है। यह सड़क, रेल, मेट्रो और रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़ा होगा।
शुरुआत में सालाना कपैसिटी 1.2 करोड़ पैसेंजर्स की
इस एयरपोर्ट की शुरुआती पैसेंजर्स कपैसिटी सालाना 1.2 करोड़ होगी। बाद में इसे बढ़ाकर सालाना 7 करोड़ किया जाएगा। इस एयरपोर्ट को पहले सितंबर 2024 तक तैयार करने का टारगेट था। बाद में समयसीमा बढ़ाकर 2025 के मध्य तक किया गया। आखिरकार इसका उद्घाटन 28 मार्च, 2026 को हो गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस एयरपोर्ट से आसपास के इलाके में रोजगार के प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष मौके बढ़ेंगे। इससे पूरे इलाके का विकास होगा।
एक से डेढ़ महीने में शुरू होंगी फ्लाइट्स
सवाल है कि इस एयरपोर्ट पर ऑपरेशन कब तक शुरू होगा? हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू फ्लाइट और कार्गो सर्विसेज एप्रूवल के 45 दिन के अंदर शुरू हो जाने की संभावना है। इसका मतलब है कि आप अप्रैल के मध्य से लेकर मई 2026 तक इस हवाईअड्डे से अपना फ्लाइट पकड़ सकेंगे। विदेश के लिए फ्लाइट्स शुरू होने में थोड़ा समय लगेगा। बताया जाता है कि इस साल सितंबर के करीब इस एयरपोर्ट से विदेशी उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
टिकट की बिक्री छह हफ्ते पहले शुरू होगी
घरेलू हवाई सेवाओं के लिए टिकट की बिक्री फ्लाइट्स लॉन्च होने के छह हफ्ते पहले शुरू होगी। विदेशी हवाई सेवाओं के लिए टिकट की बिक्री फ्लाइट्स लॉन्च होने के 90 दिन पहले शुरू होगी। अभी इस बात की ठोस जानकारी नहीं है कि शुरुआत में कितनी फ्लाइट्स ऑपरेट होंगी और उनके रूट्स क्यों होंगे। लेकिन, उम्मीद है कि पहले चरण में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों के लिए फ्लाइट्स शुरू होंगी।
दिल्ली एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स लोड घटेगा
अभी दिल्ली-एनसीआर के लोग दिल्ली के इंदिरागांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा का इस्तेमाल करते हैं। नोएडा एयरपोर्ट के शुरू हो जाने पर दिल्ली के हवाईअड्डे पर बोझ कुछ कम होगा। पूरी तरह से तैयार होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा हवाईअड्डा बन जाएगा। इस हवाईअड्डे का इस्तेमाल एमआरओ सेवाओं के लिए भी होगा। इससे इस इलाके में रोजगार के मौके बढ़ेंगे।