Unified Payments Interface (UPI) की ग्रोथ चौंकाने वाली रही है। ट्रांजेक्शन की वैल्यू और ट्रांजेक्शन की संख्या दोनों में जबर्दस्त ग्रोथ देखने को मिली है। ग्राहक जेब में क्रेडिट कार्ड्स होने के बावजूद पेमेंट के लिए UPI के इस्तेमाल में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। दरअसल, ग्राहक के साध ही दुकानदार (Merchant) के लिए भी फायदेमंद है। यह इस्तेमाल में आसान है और इसकी कॉस्ट भी कम है। पिछले साल इंडियन क्रेडिट कार्ड इडस्ट्री को अच्छी खबर मिली थी। RBI ने जून 2022 में Rupay Credit Cards को UPI से लिंक करने की इजाजत दे दी थी।
पिछले साल RBI ने दी थी इजाजत
दिसंबर 2022 में RuPay के जरिए 25.6 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए। इनकी वैल्यू 1.27 लाख करोड़ रुपये थी। यह UPI के कुल ट्रांजेक्शन का 3 फीसदी और वैल्यू का 10 फीसदी है। पिछले जून से ही क्रेडिट कार्ड कंपनियां Rupay Credit Cards ग्राहकों को जारी करने में व्यस्त हैं। अब तक 26 करोड़ यूजर्स को ये क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यह ट्रांजेक्शन के लिए फंड का नया स्रोत बनने जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि वे बड़ी संख्या में अभी पेमेंट के लिए बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करने में सफल होंगी। इससे क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च में भी इजाफा होगा। अभी कई दुकानदार (Merchant) क्रेडिट कार्ड्स से पेमेंट एक्सेप्ट नहीं करते हैं। लेकिन, इसके UPI से लिंक हो जाने के बाद वे इसे एक्सेप्ट करने लगेंगे।
ग्राहकों को होगी खरीदारी में आसानी
ग्राहकों को भी इससे बहुत आसानी होगी। सब्जी खरीदने, दूध के लिए पेमेंट करने और अखबार वाले तक को पैसा देने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल होने लगेगा। इससे ग्राहक के बैंक अकाउंट से पैसे नहीं कटेंगे। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड हमेशा अपने पास रखने की भी जरूरत नहीं पडे़गी। इससे फ्रॉड का खतरा भी घटेगा। हालांकि, ग्राहक को यह ध्यान रखना होगा कि क्रेडिट कार्ड से होने वाला खर्च बहुत ज्यादा नहीं बढ़ जाए।
UPI से पेमेंट करना बहुत आसान
क्रेडिट कार्ड कंपनियों ने यह फैसिलिटी शुरू कर दी है। दूसरी पेमेंट कंपनियां भी RBI की इजाजत का इंतजार कर रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि RBI उन्हें भी UPI से लिंकिंग की इजाजत देगा। डिजिटल पेमेंट से हर वर्ग के लोगों को बहुत फायदा हुआ है। इससे समाज के उन वर्गों को भी बैंकिंग सेवाओं के दायरे में लाने में मदद मिली है, जो लंबे समय से इससे बाहर रहे हैं। खासकर कोरोना की महामारी के दौरान UPI जैसी पेमेंट सुविधा से लोगों को बहुत मदद मिली। उन्हें कैश निकालने के लिए ATM जाने की जरूरत नहीं थी।