कई बार अचानक आई किसी आर्थिक मुश्किल की वजह से क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है। खराब क्रेडिट स्कोर आगे मुश्किल पैदा कर सकता है। इसलिए क्रेडिट स्कोर को खराब हालत में नहीं छोड़ा जा सकता। कोशिश करने पर क्रेडिट स्कोर अच्छा हो जाता है। लेकिन, इसके लिए वित्तीय यानी पैसे-रुपये से जुड़े मसलों को लेकर जाागरूकता जरूरी है। खासकर महिलाओं में इस जागरूकता का अभाव देखा गया है। इस वजह से उन्हें अपने खराब क्रेडिट स्कोर के बारे में पता भी नहीं होता। आरबीआई के मुताबिक, करीब 60 फीसदी महिलाओं के लोन अप्लिकेशन इसलिए रिजेक्ट हो जाते हैं क्योंकि वे वित्तीय मसलों को लेकर जागरूक नहीं होती हैं। कुछ तरीकों से क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाया जा सकता है।
क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं करने पर आपको क्रेडिट स्कोर (Credit Score) खराब हो सकता है। कई लोग क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल नहीं चुकाते हैं। वे सिर्फ मिनिमम पेमेंट कर बिल अमाउंट को आगे बढ़ाते रहते हैं। इसका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो पर खराब असर पड़ता है। आपके क्रेडिट स्कोर में इस रेशियो की 30 फीसदी हिस्सेदारी होती है। अगर आप क्रेडिट कार्ड बिल को जल्द चुकाते हैं तो इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर अच्छा असर पड़ता है। इसके बाद आपको आपको अपने पर्सनल लोन सहित दूसरे लोन की किस्त भी समय पर चुकाने का ध्यान रखना होगा।
आप परिवार के किसी ऐसे दूसरे सदस्य के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसका क्रेडिट स्कोर काफी अच्छा है। उसके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने के लिए आपको उसका परमिशन लेना होगा। इस स्ट्रेटेजी को क्रेडिट पिग्गीबैकिंग (Credit Piggybacking) कहा जाता है। यह क्रेडिट स्कोर बढ़ाने वाली स्ट्रेटेजी है। इसमें एक व्यक्ति अपना क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड अकाउंट का इस्तेमाल करता है।
बैंक से सीधे कर सकते हैं बात
अगर किसी लोन की किस्त चुकाने में आपको दिक्कत आ रही है तो आप इस बारे में बैंक से बात कर सकते हैं। आप बैंक की ब्रांच में जाकर एग्जिक्यूटिव से अपनी पॉब्लम के बारे में बता सकते हैं। आपकी मुश्किल समझने के बाद एग्जिक्यूटिव आपके अकाउंट से निगेटिव एंट्री हटा देगा। बैंक ऐसे ग्राहकों की मदद करते हैं, जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी होती है। क्रेडिट रिपेयर के इस तरीके का बहुत कम लोग इस्तेमाल करते हैं।
अल्टरनेविट डेटा का करें इस्तेमाल
आप बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीटयूशन के जरिए अप्लाई कर नए क्रेडिट प्रोग्राम का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन किया जा सकता है। CIBIL जैसी क्रेडिट ब्यूरो आपकी क्रेडिट एक्टिविटी को मॉनिटर करती हैं। वे यूटिलिटी बिल और बैंक अकाउंट एक्टिविटी जैसे दूसरे डेटा का इस्तेमाल कर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल इम्प्रूव कर सकती हैं। यह तरीका खासकर ऐसे लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री लंबी नहीं है।
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सेटलमेंट की जगह लोन की रिस्ट्रक्चरिंग फायदेमंद
अगर आप पर लोन का काफी पैसा बकाया है तो सेटलमेंट की जगह रिस्ट्रक्चरिंग फायदेमंद होगा। कर्ज के सेटलमेंट में आपका लोन खत्म हो जाता है लेकिन इसका क्रेडिट स्कोर पर खराब असर पड़ता है। रिस्ट्रक्चरिंग में लोन चुकाने के लिए समय मिल जाता है। इसका क्रेडिट स्कोर पर खराब असर नहीं पड़ता है। क्रेडिट ब्यूरो एसोसिएशन ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, डेट रिस्ट्रक्चरिंग से रिपेमेंट रेट सेटलमेंट के मुकाबले 35 फीसदी तक बढ़ सकता है।