DA Hike in UP: उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आज का दिन बड़ी सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यकर्मियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है। इस बड़े फैसले के बाद राज्य के कर्मचारियों का डीए 58 फीसदी से बढ़कर सीधे 60 फीसदी हो गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने गुरुवार को इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के बीच बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी।
16 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा
सरकार के इस फैसले का सीधा असर उत्तर प्रदेश के विशाल कार्यबल पर पड़ेगा:
किन्हें मिलेगा लाभ: इस बढ़ोतरी का फायदा सभी राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के कर्मियों, शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों और लाखों पेंशनभोगियों को मिलेगा।
एरियर की भी घोषणा: यह बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 की तिथि से लागू माना जाएगा। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक के पिछले 4 महीनों का बकाया भी मिलेगा।
मई की सैलरी में आएगा पैसा: शासनादेश के अनुसार, बढ़े हुए 60% डीए और एरियर का नकद भुगतान मई 2026 के वेतन जो जून की शुरुआत में मिलेगा उसके साथ किया जाएगा।
क्यों मायने रखती है यह 2% की बढ़ोतरी?
महंगाई भत्ता (DA) कर्मचारियों के बेसिक वेतन के आधार पर तय होने वाला एक लिविंग कंपोनेंट है, जिसे सरकार हर 6 महीने में महंगाई के असर को कम करने के लिए संशोधित करती है।
कागज पर 2 फीसदी की यह वृद्धि भले ही छोटी लगे, लेकिन उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े आबादी वाले राज्य में, जहां लगभग 16 लाख से अधिक सरकारी कर्मी और पेंशनर्स हैं, इसके कारण राज्य के खजाने पर हर साल कई सौ करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इस बढ़ोतरी के बाद अब कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में उनके पे-ग्रेड के हिसाब से अच्छा इजाफा देखने को मिलेगा।
केंद्र सरकार के पैटर्न पर लिया गया फैसला
आमतौर पर राज्य सरकारें अपने डीए संशोधन के लिए केंद्र सरकार के फैसलों का अनुसरण करती हैं। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने अपने 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए डीए को 58% से बढ़ाकर 60% करने का ऐलान किया था।
केंद्र के इसी फैसले की तर्ज पर बिहार, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे कई राज्यों के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने कर्मचारियों का डीए 60% करके इसBroader राष्ट्रीय ट्रेंड के साथ खुद को जोड़ लिया है। 60 फीसदी का यह आंकड़ा कर्मचारियों के वेतन के लिहाज से एक बड़ा माइलस्टोन है।