ITR Filing Last Date for AY 2027: वित्त वर्ष 2026 यानी एसेसमेंट वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की ऑनलाइन और ऑफलाइन यूटिलिटीज जारी कर दिया है, जिससे टैक्सपेयर्स अब ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए अपना रिटर्न भर सकते हैं। सैलरीड इंडिविजुअल्स, पेंशनर्स, फ्रीलांसर्स और छोटे कारोबारी अब अपना आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। एक बात का ध्यान रखें कि पेनाल्टी से बचने के लिए इसे डेडलाइन से पहले दाखिल कर लेना चाहिए। हालांकि डेडलाइन सबके लिए एक नहीं है बल्कि खाते ऑडिट होंगे या नहीं, और ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट दाखिल करना है या नहीं; इसके हिसाब से यह तय होगा।
31 जुलाई किसके लिए है लास्ट डेट?
सैलरीड इंडिविजुअल्स और HUF (हिंदू अनडिवाइडेड फैमिलीज), जिनके खातों का ऑडिट होना जरूरी नहीं है, उनके लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई, 2026 है। इनके अलावा AOPs (एसोसिएशंस ऑफ पर्सन्स) और BOIs (बॉडी ऑफ इंडिविजुल्स) के लिए भी लास्ट डेट 31 जुलाई 2026 ही है।
ऐसे फ्रीलांसर, प्रोफेशनल और छोटे कारोबारी, जो सेक्शन 44AD, 44ADA या 44AE के तहत प्रिज्म्पिटिव टैक्सेशन स्कीम और जिनके लिए ऑडिट जरूरी नहीं है, उन्हें भी 31 जुलाई 2026 तक रिटर्न दाखिल करना होगा।
31 अक्टूबर तक का इन्हें है समय
ऐसे बिजनेसेज या फर्म्स जिनके खातों का इनकम टैक्स एक्ट के तहत ऑडिट होना जरूरी है, उन्हें अपना आईटीआर 31 अक्टूबर 2026 तक फाइल कर लेना चाहिए।
इस मामले में 30 नवंबर है लास्ट डेट
ऐसी कंपनियां या एंटिटीज, जिन्हें इंटरनेशनल या देश के भीतर ही खास लेन-देन को लेकर ट्रासंफर प्राइसिंग रिपोर्ट दाखिल करनी हो, उनके लिए रिटर्न फाइल करने की लास्ट डेट 30 नवंबर 2026 है।
ITR Filing में देरी पर क्या है जुर्माना?
डेडलाइन चूकने पर बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, लेकिन उन पर इनकम टैक्स के सेक्शन धारा 234F के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकतम ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है लेकिन अगर टोटल इनकम ₹5 लाख से कम है तो अधिकतम जुर्माना ₹1,000 होगा। इसके अलावा धारा 234A के तहत बकाया टैक्स पर ड्यू डेट से पेमेंट तक हर महीने 1% की दर से ब्याज लगाया जाता है। देर से रिटर्न भरने पर टैक्स रिफंड में देरी होती है तो साथ ही कुछ प्रकार के घाटों को आगे फारवर्ड भी नहीं कर सकते।
क्या हैं Belated ITR और U-ITR?
ओरिजिनल ड्यू डेट यानी डेडलाइन से चूके तो बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जाता है। एसेसमेंट वर्ष 2027 के लिए टैक्सपेयर्स बिलेटेड या रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च, 2027 तक फाइल कर सकते हैं।
अब U-ITR यानी अपडेटेड आईटीआर की बात करें तो इसके जरिए आईटीआर की गलतियों को सुधारा जा सकता है और अगर किसी इनकम का खुलासा नहीं कर पाए तो उसे दिखा सकते हैं। मौजूदा नियमों के तहत टैक्सपेयर्स एसेसमेंट वर्ष के आखिरी से 48 महीनों के भीतर अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं लेकिन इसके लिए अतिरिक्त टैक्स और धारा 139(8A) के तहत निर्धारित शर्तें लागू होती हैं।