EPFO का बड़ा फैसला, अधिक पेंशन के लिए आवेदन की बढ़ी डेडलाइन

EPS के तहत अधिक पेंशन के लिए आवेदन के लिए डेडलाइन बढ़ा दी गई है। पहले हायर पेंशन का विकल्प चुनने के लिए एलिजिबल मेंबर्स को एंप्लॉयर्स के साथ संयुक्त रूप से आवेदन करने के लिए 3 मार्च 2023 तक का समय दिया गया था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 मई 2023 कर दिया गया है। आइए यहां जानते हैं कि हायर पेंशन का क्या मामला है और इस विकल्प को चुनने की डेडलाइन बढ़ने से क्या फायदा मिला

अपडेटेड Feb 27, 2023 पर 12:06 PM
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EPS के तहत अभी 15 हजार रुपये तक की सैलरी के हिसाब से कांट्रिब्यूशन तय होता है। इससे ईपीएस में काफी कम पैसे जमा हो पाते हैं यानी कि पेंशन बन पाती है। अब इस लिमिट को बढ़ा दिया गया है।

एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत अधिक पेंशन के लिए आवेदन की डेडलाइन बढ़ा दी गई है। पहले हायर पेंशन का विकल्प चुनने के लिए एलिजिबल मेंबर्स को एंप्लॉयर्स के साथ संयुक्त रूप से आवेदन करने के लिए 3 मार्च 2023 तक का समय दिया गया था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 मई 2023 कर दिया गया है। इसे रिटायरमेंट फंड बॉडी एंप्लॉयीड प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) के यूनीफाइड मेंबर्स के पोर्टल के जरिए किया जा सकता है। ईपीएफओ यूनीफाईड मेंबर्स पोर्टल का यूआरएल हाल ही में एक्टीवेट हुआ जिसमें स्पष्ट रूप से हायर पेंशन का विकल्प चुनने की डेडलाइन 3 मई 2023 दिख रही है। इस डेडलाइन के बढ़ने से एंप्लॉयीज को बड़ी राहत मिल गई। आइए यहां जानते हैं कि हायर पेंशन का क्या मामला है और इस विकल्प को चुनने की डेडलाइन बढ़ने से क्या फायदा मिला।

क्या है हायर पेंशन का यह मामला

एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम के तहत अभी 15 हजार रुपये तक की सैलरी के हिसाब से कांट्रिब्यूशन तय होता है यानी कि बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये हो जाए तो भी ईपीएस में कांट्रिब्यूशन 15 हजार रुपये से ही तय होगा। इससे ईपीएस में काफी कम पैसे जमा हो पाते हैं यानी कि पेंशन बन पाती है। अब इस लिमिट को बढ़ा दिया गया है।


EPFO की ज्यादा पेंशन वाली स्कीम में क्या है खास? 

पिछले साल 4 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 1 सितंबर 2014 को ईपीएफओ के सदस्य भी इस हायर पेंशन विकल्प का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए कोर्ट ने ईपीएफओ को चार महीने का समय देने को कहा था यानी 3 मार्च 2023 तक। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ ने 20 फरवरी 2023 को एक सर्कुलर जारी कर अधिकतम 15 हजार रुपये की सैलरी के 8.33 फीसदी के डिडक्शन की बजाय एंप्लॉयीज के बेसिक सैलरी के आधार पर करने का प्रावधान किया।

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डेडलाइन बढ़ने से क्या होगा फायदा

ईपीएफओ के हायर पेंशन का विकल्प चुनने के लिए ढेर सारे कागजात इकट्ठे करने हैं। डेडलाइन 3 मार्च 2023 थी तो जो एंप्लॉयी एलिजिबल हैं और इस विकल्प को चुनना चाहते हैं, वे काफी भाग-दौड़ कर रहे हैं। हालांकि अब डेडलाइन बढ़ने से उन्हें डॉक्यूमेंट्स जुटाने के लिए अधिक समय मिल गया है।

क्या है पूरा प्रोसेस

एलिजिबिल ईपीएस मेंबर को नजदीकी लोकल ईपीएफओ ऑफिस जाकर एप्लिकेशन भरना होगा। इसके अलावा जरूरी डॉक्यूमेंट्स सबमिट करने होंगे। वैलिडेशन के लिए एप्लिकेशन फॉर्म में पिछले सरकारी नोटिफिकेशन में दिए गए आदेश के अनुसार डिस्क्लेमर भी शामिल होना चाहिए। हर एप्लीकेशन का आंकड़ा डिजिटल होगा और आवेदकों को एक रिसीट नंबर दिया जाएगा।

हायर पेंशन के आवेदनों की जांच के बाद जो भी फैसला होगा, उसे एप्लीकेंट्स को ई-मेल या पोस्ट और एसएमएस के जरिए सूचित किया जाएगा। ईपीएफओ के आदेश के मुताबिक ज्वाइंट ऑप्शन फॉर्म को दाखिल करने के बाद और ड्यू कांट्रिब्यूशन के पेमेंट को लेकर कोई शिकायत है तो शिकायतों के निपटारे के पोर्टल EPFiGMS पर शिकायत कर सकते हैं।

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