Direct Tax Vivad Se Vishwas Scheme: सीबीडीटी ने लॉन्च की स्कीम, 1 अक्टूबर से लागू होगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के यूनियन बजट में डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम का ऐलान किया था। टैक्सपेयर्स डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम, 2024 का लाभ उठा सकेंगे अगर उनकी अपील और याचिका 22 जुलाई, 2024 तक लंबित होगी

अपडेटेड Sep 21, 2024 पर 3:04 PM
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इससे पहले 2020 में सरकार ने डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास एक्ट 2020 पेश किया था। इस स्कीम को टैक्सपेयर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने 'डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम' का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह स्कीम 1 अक्टूबर, 2024 से लागू होगी। इस स्कीम के तहत इनकम टैक्स से जुड़े विवादित लंबित मामलों का निपटारा होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 के यूनियन बजट इस स्कीम का ऐलान किया था। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने अपनी प्रेस रिलीज में यह जानकारी दी है।

लोअर सेटलमेंट अमाउंट का फायदा होगा

डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम (DTVSV) की खास बात यह है कि इसमें नए अपीलकर्ता का सेटलमेंट अमाउंट पुराने अपीलकर्ता के मुकाबले कम होगा। इसके अलावा 31 दिसंबर, 2024 तक डेक्लेरेशन सब्मिट करने वाले टैक्सपेयर्स को भी लोअर सेटलमेंट अमाउंट का फायदा मिलेगा। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि इस स्कीम के लिए चार फॉर्म हैं।


सरकार ने स्कीम का पहला एडिशन 2020 में पेश किया था

सरकार ने कहा है कि यह डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम का दूसरा एडिशन होगा। इससे टैक्स के विवादित मामलों में कमी लाने में मदद मिलेगी। इस स्कीम के नियम और फॉर्म जारी कर दिए गए हैं। इससे पहले 2020 में सरकार ने डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास एक्ट 2020 पेश किया था। इस स्कीम को टैक्सपेयर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। टैक्स के विवादित मामलों के निपटारे से सरकार को रेवेन्यू भी मिला था। इसके तहत 1,46,000 मामलों का निपटारा हुआ था। इससे सरकार को 540 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था।

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ये टैक्सपेयर्स स्कीम का उठा सकेंगे लाभ

टैक्सपेयर्स डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम, 2024 का लाभ उठा सकेंगे अगर उनकी अपील और याचिका 22 जुलाई, 2024 तक लंबित होगी। अलग-अलग कानूनी प्लेटफॉर्म पर करीब 2.7 करोड़ टैक्स के विवादित मामले लंबित हैं। इनसे जुड़े टैक्स की मॉनेटरी वैल्यू 35 लाख करोड़ रुपये है। डेलॉयट इंडिया की पार्टनर करिश्मा आर फटाररफेकर ने कहा कि 1 जनवरी, 2025 से टैक्स पेमेंट का रेट बढ़ने वाला है। ऐसे में कंपनियों को इनकम टैक्स विवाद के लंबित मामलों को रिव्यू करने की जरूरत है।

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