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डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड में कौन-सा बेहतर? इस बात का ध्यान रखेंगे तो होगी लाखों की बचत

Direct Vs Regular Mutual Funds: म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के बीच छोटा सा खर्च का फर्क लंबे समय में लाखों का अंतर बना देता है। सही चुनाव आपकी समझ और जरूरत पर निर्भर करता है, जहां रिटर्न और सलाह दोनों अहम भूमिका निभाते हैं।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Apr 08, 2026 पर 2:44 PM
डायरेक्ट और रेगुलर म्यूचुअल फंड में कौन-सा बेहतर? इस बात का ध्यान रखेंगे तो होगी लाखों की बचत
डायरेक्ट प्लान रिटर्न के हिसाब से बेहतर होता है, लेकिन हर किसी के लिए सही नहीं होता।

Direct Vs Regular Mutual Funds: म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अक्सर यह सवाल आता है कि डायरेक्ट प्लान लें या रेगुलर प्लान। दोनों में पैसा एक ही फंड में जाता है, लेकिन इनका काम करने का तरीका और खर्च अलग होता है। यही फर्क आगे चलकर आपके रिटर्न पर असर डालता है।

क्या होते हैं डायरेक्ट और रेगुलर प्लान

डायरेक्ट प्लान में आप सीधे फंड हाउस से निवेश करते हैं। इसमें कोई एजेंट या बिचौलिया नहीं होता, इसलिए खर्च कम रहता है। कम खर्च का मतलब यह है कि आपका ज्यादा पैसा बाजार में निवेश होता है और उसी पर आपको रिटर्न मिलता है। यही वजह है कि डायरेक्ट प्लान में रिटर्न थोड़ा ज्यादा दिखता है।

रेगुलर प्लान में आप किसी एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए निवेश करते हैं। इसमें उस एजेंट का कमीशन भी शामिल होता है, जो एक्सपेंस रेशियो को बढ़ा देता है। यह आमतौर पर 0.5% से 1.5% तक होता है। यानी खर्च ज्यादा होता है और उसी वजह से आपका रिटर्न थोड़ा कम हो जाता है। लेकिन इसके बदले आपको सलाह और मदद मिलती है।

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