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नए लेबर कोड्स लागू होने के बावजूद ईपीएफ एक्ट का वजूद कायम, जानिए इसकी वजह

सीएसएस के सेक्शन 164 (3) एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड एंड मिसलिनियस प्रोविजंस एक्ट, 1952 या ईपीएफ एक्ट को निरस्त करने का प्रावधान है। लेकिन, सरकार ने अभी इस क्लॉज को नोटिफाय नहीं किया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 24, 2025 पर 6:51 PM
नए लेबर कोड्स लागू होने के बावजूद ईपीएफ एक्ट का वजूद कायम, जानिए इसकी वजह
ईपीएफ स्कीम एक रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम है, जिसमें एंप्लॉयर और एंप्लॉयी दोनों कंट्रिब्यूट करते हैं।

केंद्र सरकार ने नया सोशल सिक्योरिटी कोड (सीएसएस) लागू कर दिया है। इसके बावजूद ईपीएफ एक्ट का वजूद बना रहेगा। सीएसएस के सेक्शन 164 (3) एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड एंड मिसलिनियस प्रोविजंस एक्ट, 1952 या ईपीएफ एक्ट को निरस्त करने का प्रावधान है। लेकिन, सरकार ने अभी इस क्लॉज को नोटिफाय नहीं किया है।

अभी ईपीएफ एक्ट का क्लाज नोटिफाय नहीं

इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया, "सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत ईपीएफ एक्ट के क्लॉज को नोटिफाय नहीं किया गया है। हालांकि, पहले लेबर कोड को नोटिफाय करने के साथ इस एक्ट को उसमें शामिल करने के बारे में सोचा गया था।" एक दूसरे सूत्र ने बताया कि लेबर मिनिस्ट्री अभी सोशल सिक्योरिटी कोड को ऑपरेशनल करने के लिए नियम और गाइडलाइंस जारी कर रहा है।

ऑपरेशनल होने में कुछ हफ्तों का लग सकता है समय

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