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EPF Withdrawal Rules: क्या नौकरी 5 साल पूरी होने से पहले ईपीएफ से पैसे निकालने पर टैक्स लगेगा?

ईपीएफ में तीन तरह से पैसे जमा होते हैं। पहला, हर महीना एंप्लॉयी की सैलरी (बेसिक प्लस डीए का 12 फीसदी) का एक हिस्सा इसमें जमा होता है। दूसरा, एंप्लॉयर भी हर महीने एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में उतना ही पैसा जमा करता है। तीसरा, ईपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर सालाना इंटरेस्ट मिलता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 12, 2025 पर 7:34 PM
EPF Withdrawal Rules: क्या नौकरी 5 साल पूरी होने से पहले ईपीएफ से पैसे निकालने पर टैक्स लगेगा?
सरकार ईपीएफ में जमा पैसा पर हर साल इंटरेस्ट तय करती है। FY25 में यह इंटरेस्ट रेट 8.25 फीसदी था।

ईपीएफ का मकसद बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार करना है। एंप्लॉयी के रिटायर करने पर ईपीएफ में जमा पैसा उसे एकमुश्त मिल जाता है। नौकरी 10 साल से ज्यादा लंबी होने पर एंप्लॉयी पेंशन का भी हकदार होता है। प्राइवेट नौकरी करने वाले एंप्लॉयीज को ईपीएफ की सुविधा मिलती है। ईपीएफ से जुड़े टैक्स के नियम इसे काफी अट्रैक्टिव बनाते हैं। रिटायरमेंट पर मिलने वाला एकमुश्त पैसा टैक्स के दायरे में नहीं आता है। सवाल है कि क्या एंप्लॉयी खास स्थितियों में रिटायरमेंट से पहले पैसे निकालता है तो उस पर टैक्स लगेगा?

ईपीएफ में तीन तरह से जमा होते हैं पैसे

एक्सपर्ट्स का कहना है कि EPF में तीन तरह से पैसे जमा होते हैं। पहला, हर महीना एंप्लॉयी की सैलरी (बेसिक प्लस डीए का 12 फीसदी) का एक हिस्सा इसमें जमा होता है। दूसरा, एंप्लॉयर भी हर महीने एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में उतना ही पैसा जमा करता है। तीसरा, ईपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर सालाना इंटरेस्ट मिलता है। सरकार हर साल इंटरेस्ट तय करती है। FY25 में यह इंटरेस्ट रेट 8.25 फीसदी था।

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