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गोल्ड की ज्यादा कीमत का असर अक्षय तृतीया की मांग पर पड़ा, पिछले साल से कम रही ज्वेलरी की बिक्री

इंडिया में गोल्ड की सबसे ज्यादा मांग धनतेरस और अक्षय तृतीया पर होती है। इस बार 10 मई को अक्षय तृतीया था। लेकिन, गोल्ड ज्वेलरी की बिक्री कमजोर रही। इसकी वजह सोने की ऊंची कीमतें थीं। पिछले महीने सोने का भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर चला गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड May 13, 2024 पर 1:15 PM
गोल्ड की ज्यादा कीमत का असर अक्षय तृतीया की मांग पर पड़ा, पिछले साल से कम रही ज्वेलरी की बिक्री
इंडिया दुनिया में गोल्ड का दूसरा सबसे बड़ कंज्यूमर है।

इस बार इंडिया में अक्षय तृतीया के दौरान सोने की डिमांड अपेक्षाकृत काफी कम रही। इंडिया दुनिया में गोल्ड का दूसरा सबसे बड़ कंज्यूमर है। अभी गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड हाई लेवल पर हैं। इससे लोग सोना खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ज्वैलर्स भी ग्राहकों को ज्यादा डिस्काउंट ऑफर नहीं कर रहे हैं। इसका असर सोने में खरीदारी पर पड़ा है। इंडिया में दो मौकों पर सोने की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है। पहला है धनतेरस और दूसरा है अक्षय तृतीया। 10 मई को अक्षय तृतीया था।

पिछले साल के मुकाबले मांग दो-तिहाई

मुंबई के एक ज्वैलर ने बताया, "ज्यादा ग्राहकों ने टोकन के रूप में सिर्फ कम मूल्य के कॉइन की खरीदारी की। पिछले साल के मुकाबले ज्वेलरी की मांग बहुत कमजोर रही।" उन्होंने कहा कि पिछले साल से तुलना की जाए तो यह करीब दो-तिहाई रही। हालांकि, हमे पहले से ज्यादा डिमांड या पिछले साल जैसी डिमांड की उम्मीद नहीं थी। लेकिन, हमने जितनी उम्मीद की थी उससे भी कम डिमांड इस बार रही।

एक साल में गोल्ड का भाव 21 फीसदी बढ़ा

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