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पटना के 50 हजार फॉलोवर्स वाले क्रिएटर मुंबई के इंफ्लुएंसर पर भारी, अब बदल है गया ब्रांड्स का खेल

Influencer Marketing Industry: भारत में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग तेजी से बदल रही है। अब ब्रांड्स बड़े फिल्मी चेहरों की बजाय छोटे शहरों के भरोसेमंद क्रिएटर्स पर दांव लगा रहे हैं। पटना जैसे शहरों के माइक्रो क्रिएटर्स कम खर्च में ज्यादा एंगेजमेंट और बेहतर असर दे रहे हैं। हालांकि, फिर भी 10 में से 9 क्रिएटर ज्यादा पैसे नहीं कमा पा रहे हैं।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड May 18, 2026 पर 7:52 PM
पटना के 50 हजार फॉलोवर्स वाले क्रिएटर मुंबई के इंफ्लुएंसर पर भारी, अब बदल है गया ब्रांड्स का खेल
आज 68.2 प्रतिशत क्रिएटर्स मुख्य रूप से हिंदी में कंटेंट बना रहे हैं।

Influencer Marketing Industry: भारत का इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग बाजार तेजी से बढ़ रहा है। Kofluence की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक यह इंडस्ट्री इस साल के अंत तक ₹4,500 करोड़ से ₹5,000 करोड़ तक पहुंच सकती है। साल 2025 में इसका आकार ₹3,000 करोड़ से ₹3,500 करोड़ के बीच था।

बेशक बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन ज्यादातर क्रिएटर्स अब भी सिर्फ सोशल मीडिया की कमाई के भरोसे पूरा करियर नहीं चला पा रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक 10 में से 9 क्रिएटर्स की हालत ऐसी है कि वे सोशल मीडिया को अपनी फुल टाइम कमाई का जरिया नहीं बना सके हैं। करीब 88 प्रतिशत क्रिएटर्स अपनी कुल कमाई का 75 प्रतिशत से भी कम हिस्सा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कमा रहे हैं।

छोटे क्रिएटर्स की फीस घटी

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