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Gold Trend: गोल्ड में रिकॉर्ड तेजी से खुली बड़े निवेशकों की आंख, अब धड़ाधड़ खरीद रहे सोना

Gold Trend: इस महीने गोल्ड ने ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार किया, जिससे बड़े निवेशकों का रुझान इस कीमती धातु की ओर तेजी से बढ़ा है। HNI और मिड-रेंज निवेशक अब संतुलित पोर्टफोलियो में डिजिटल गोल्ड को अहम हिस्सा बना रहे हैं। जानिए इसकी वजह।

Suneel Kumarअपडेटेड Apr 24, 2025 पर 9:32 PM
Gold Trend: गोल्ड में रिकॉर्ड तेजी से खुली बड़े निवेशकों की आंख, अब धड़ाधड़ खरीद रहे सोना
सोने की खास बात यह है कि इसका इक्विटी या बॉन्ड मार्केट से कम संबंध होता है।

Gold Trend: भारत में सोने की कीमत (Gold Price) अप्रैल 2025 में 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 30% की जबरदस्त बढ़त है, जब सोना ₹77,000 के आसपास था। इस उछाल ने न सिर्फ सोने की 'सेफ हेवन' यानी सुरक्षित निवेश वाली पुरानी पहचान मजबूत हुई, बल्कि हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और मिड-रेंज (Mass Affluent) निवेशकों को अपनी पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजी पर दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया।

गोल्ड का पोर्टफोलियो में होना क्यों जरूरी है?

पिछले कुछ महीनों में गोल्ड की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है। इसकी कई वजहें हैं, जैसे कि वैश्विक अस्थिरता, अमेरिका की टैरिफ नीति, कमजोर होता डॉलर और दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों द्वारा भारी मात्रा में सोने की खरीद (2024 में 500 टन से अधिक)। भारत में सोने की सांस्कृतिक अहमियत और महंगाई से बचाव की क्षमता इसे हमेशा लोकप्रिय बनाए रखती है, लेकिन मौजूदा उछाल ने इसे और भी आकर्षक बना दिया है।

सोने की खास बात यह है कि इसका इक्विटी या बॉन्ड मार्केट से कम संबंध होता है। यानी जब बाजार गिरता है, तब सोना अक्सर या तो स्थिर रहता है या फिर बढ़ता है। मिसाल के लिए, 2008 की वैश्विक मंदी में जब शेयर बाजार गिरे, तब सोना 21% बढ़ा। 2024 में भी जब दुनिया भर में बाजार डगमगाए, तब सोना डॉलर में 24% की बढ़त के साथ $3,230 प्रति औंस पर पहुंच गया।

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