Gold की कीमत साल 2026 में किस लेवल तक जाएगी? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

गोल्ड 2025 में 64 फीसदी चढ़ा। इस साल अब तक यह 17 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन के सालाना सर्वे में एनालिस्ट्स ने इस साल गोल्ड के 7,150 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाने का अनुमान जताया है

अपडेटेड Jan 26, 2026 पर 9:52 PM
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गोल्ड में हाल में आई तेजी में सबसे बड़ा हाथ जियोपॉलिटिकल टेंशन का है।

गोल्ड 26 जनवरी को 5,100 डॉलर प्रति औंस के पार हो गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड में तेजी जारी रहने की कई वजहें हैं। इसमें बढ़ता जियोपॉलिटिकल टेंशन और दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की खरीदारी शामिल है। सवाल है कि गोल्ड के लिए 2026 कैसा रहेगा? इस साल गोल्ड के लिए टारगेट प्राइस क्या है?

इस साल गोल्ड 17 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है

गोल्ड 2025 में 64 फीसदी चढ़ा। इस साल अब तक यह 17 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन के सालाना सर्वे में एनालिस्ट्स ने इस साल गोल्ड के 7,150 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाने का अनुमान जताया है। गोल्डमैन सैक्स ने दिसंबर 2026 के लिए गोल्ड के टारगेट को पहले के 4,900 से बढ़ाकर 5,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है।


जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से गोल्ड में तेजी

इंडिपेंडेंट एनालिस्ट रॉस नॉर्मन ने एवरेज 5,375 डॉलर के साथ 6,400 डॉलर प्रति औंस का टारगेट दिया है। उन्होंने कहा कि इस समय एक बात निश्चित दिख रही है कि आगे अनिश्चितता जारी रहेगी। इसका सीधा असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ता दिख रहा है। गोल्ड में हाल में आई तेजी में सबसे बड़ा हाथ जियोपॉलिटिकल टेंशन का है। अमेरिका और नाटो के बीच ग्रीनलैंड को लेकर मतभेद बढ़ा है। टैरिफ को लेकर भी स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को लेकर संदेह बढ़ रहा है।

पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के लिए गोल्ड में निवेश

मेटल फोकस में डायरेक्टर फिलिप न्यूमैन ने कहा, "अमेरिका में आगे मिड-टर्म इलेक्शंस के चलते राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ सकती है। साथ ही ज्यादा वैल्यूएशंस वाले इक्विटी मार्केट की वजह से पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन के लिए गोल्ड में निवेश बढ़ सकता है।" उन्होंने कहा कि 5,000 डॉलर प्रति औंस पार कर जाने के बाद हमें गोल्ड में और तेजी आने की उम्मीद है।

इस साल भी केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की खरीदारी जारी रहेगी

2025 में गोल्ड में तेजी में दुनिया के कई देशों की सोने की खरीदारी का बड़ा हाथ रहा। इस साल भी केंद्रीय बैंकों के गोल्ड की खरीदारी जारी रहने की संभावना है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि उभरते देशों के केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की मासिक औसत खरीदारी 60 मीट्रिक रह सकती है। पोलैंड के केंद्रीय बैंक के गोल्ड का भंडार 2025 के अंत में 550 टन था। इसके बढ़कर 700 टन तक पहुंच जाने का अनुमान है।

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गोल्ड ईटीएफ में 2025 में रिकॉर्ड निवेश 

गोल्ड की कीमतों में उछाल में गोल्ड ईटीएफ में लगातार निवेश का भी हाथ है। 2025 में गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड निवेश हुआ। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के डेटा के मुताबिक, गोल्ड ईटीएफ में सालाना निवेश 89 अरब डॉलर तक पहुंच गया। टन में देखा जाए तो यह कुल 801 मीट्रिक टन रहा, जो 2020 के बाद सबसे ज्यादा है। हालांकि, कीमतों में उछाल से गोल्ड ज्वेलरी की डिमांड कमजोर हुई है।

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