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Gold-Silver Prices: मध्यपूर्व में लड़ाई के बावजूद सोने और चांदी की कीमतें क्यों नहीं चढ़ रहीं?

28 फरवरी को मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद 3 मार्च को सोने की कीमतों में उछाल आया था। स्पॉट गोल्ड उछलकर 5,260 डॉलर प्रति औंस तक चला गया था। लेकिन, उसके बाद मुनाफावसूली की वजह से इसमें गिरावट देखने को मिली

Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 07, 2026 पर 5:25 PM
Gold-Silver Prices: मध्यपूर्व में लड़ाई के बावजूद सोने और चांदी की कीमतें क्यों नहीं चढ़ रहीं?
दुनिया में जब कभी अस्थिरता बढ़ती है या जियोपॉलिटिकल टेंशन शुरू होता है तब दोनों कीमतों मेटल्स की डिमांड बढ़ जाती है।

सोने और चांदी को निवेश के लिहाज से सबसे सुरक्षित माना जाता है। दुनिया में जब कभी अस्थिरता बढ़ती है या जियोपॉलिटिकल टेंशन शुरू होता है तब दोनों कीमतों मेटल्स की डिमांड बढ़ जाती है। इसका असर दोनों की कीमतों पर पड़ता है। कीमतें चढ़ने लगती हैं। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं दिख रहा। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। इसके बाद से सोने और चांदी में उछाल नहीं दिखा है।

लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी में कमजोरी

27 फरवरी के बाद से सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई है, जबकि चांदी में बड़ी गिरावट आई है। 27 फरवरी को सिल्वर फ्यूचर्स 2,82,730 रुपये प्रति किलो था। 6 मार्च को यह 262,569 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। यह 7.1 फीसदी की गिरावट है। 27 फरवरी को गोल्ड फ्यूचर्स 1,62,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था। 6 मार्च को यह 1,61,275 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ। इसका मतलब है कि मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद से सोना करीब 0.5 फीसदी कमजोर हुआ है।

इन वजहों से सोने की कीमतों में नहीं दिख रहा उछाल

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