Get App

एक कंपनी में नौकरी 5 साल पूरी नहीं होने पर भी एंप्लॉयी ग्रैच्युटी का हकदार, जानिए क्या है नियम

आम तौर पर ग्रैच्युटी का पेमेंट एंप्लॉयी को रिटारयमेंट पर होता है। लेकिन, अगर कोई व्यक्ति बेहतर पैकेज के लिए एक कंपनी में नौकरी छोड़ दूसरी कंपनी को ज्वाइन करता है तो ग्रैच्युटी पेमेंट के लिए कुछ शर्त लागू होती है। इसके मुताबिक, एक कंपनी में 5 साल पूरी होने पर ही वह ग्रैच्युटी का हकदार होगा। लेकिन, ग्रैच्युटी पेमेंट एक्ट के एक नियम के मुताबिक नौकरी 5 साल से कम होने पर भी एंप्लॉयी ग्रैच्युटी का हकदार होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 15, 2024 पर 5:52 PM
एक कंपनी में नौकरी 5 साल पूरी नहीं होने पर भी एंप्लॉयी ग्रैच्युटी का हकदार, जानिए क्या है नियम
ग्रैच्युटी से जुड़े प्रावधान ग्रैच्युटी एक्ट 1972 में शामिल हैं।

एंप्लॉयी को रिटायरमेंट पर ग्रैच्युटी (Gratuity) के रूप में बड़ा फंड मिलता है। अगर कोई प्राइवेट एंप्लॉयी किसी वजह से नौकरी से इस्तीफा देता है तो भी उसे ग्रैच्युटी का पेमेंट होता है। शर्त यह है कि उस कंपनी में उसकी नौकरी के कम से कम 5 साल पूरे होने चाहिए। ग्रैच्युटी से जुड़े प्रावधान ग्रैच्युटी एक्ट 1972 में शामिल हैं। इस एक्ट के मुताबिक, एक कंपनी में 5 साल पूरे होने से पहले कोई एंप्लॉयी नौकरी छोड़ देता है तो भी वह ग्रैच्युटी का हकदार है। इस बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं। आइए इस बारे में नियम और शर्तों के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

5 साल से कम की नौकरी पर भी ग्रैच्युटी

ग्रैच्युटी एक्ट में ऐसा प्रावधान है जिसके तहत एंप्लॉयी अगर किसी कंपनी में 5 साल से कम समय तक नौकरी छोड़ता है तो वह ग्रैच्युटी के लिए क्लेम कर सकता है। इसे हम एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए एक एंप्लॉयी बेहतर सैलरी के लिए नई कंपनी में नौकरी ज्वाइन करना चाहता है। नई जॉब ज्वाइन करने के लिए जब वह इस्तीफा दे देता है तो उसे पता चलता है कि नौकरी 5 साल पूरी नहीं होने की वजह से उसे ग्रैच्युटी का पैसा नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में एंप्लॉयी को ग्रैच्युटी एक्ट के एक प्रावधान से राहत मिल सकती है।

ग्रैच्युटी तीन बातों पर निर्भर 

सब समाचार

+ और भी पढ़ें