Compounding Interest: कंपाउंडिंग समय के साथ ब्याज पर ब्याज कमाने का एक तरीका है। इसका मतलब यह है कि आप जो ब्याज कमा रहे हैं, उसे आपके प्रिंसिपल अमाउंट से जोड़ दिया जाता है और फिर ब्याज का कैलकुलेशन होता है। अब नए प्रिंसिपल अमाउंट यानी प्रिंसिपल प्लस ब्याज के पैसे पर ब्याज कैलकुलेट किया जाता है। इसे चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंडिंग इंटरेस्ट कहते हैं, जिसमें ब्याज आपके प्रिंसिपल के साथ हर बार जुड़ता है। कंपाउंडिंड इंटरेस्ट का ये फॉर्मूला आपको कम सयम में सुपर रिच बना सकता है। आपका पैसा चक्रवृद्धि ब्याज के लिए जितना अधिक समय तक छोड़ा जाता है, उसका असर यानी रिटर्न उतना ज्यादा होता है।
