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नए टैक्स सिस्टम में किराए वाली प्रॉपर्टी पर कैसे बचाएं टैक्स? जानिए नियम और फायदे

अगर आपके पास कोई घर किराए पर दिया हुआ है, तो नए टैक्स सिस्टम में भी आप कुछ टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि, पुराने सिस्टम की तुलना में यहां कुछ लिमिट हैं, जिनके बारे में समझना जरूरी है

Edited By: Sheetalअपडेटेड Apr 08, 2026 पर 3:18 PM
नए टैक्स सिस्टम में किराए वाली प्रॉपर्टी पर कैसे बचाएं टैक्स? जानिए नियम और फायदे
अगर आपने घर को किराए पर दिया हुआ है, तो नए टैक्स सिस्टम में भी आप कुछ टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं।

अगर आपने अपना कोई घर किराये पर दिया हुआ है तो नए टैक्स सिस्टम में भी आप टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि, पुराने सिस्टम की तुलना में यहां कुछ लिमिट हैं, जिनके बारे में समझना जरूरी है। सबसे पहले यह जान लें कि किराए से होने वाली इनकम पर आपको दो फायदे मिलते हैं। पहला आपको नेट एनुअल वैल्यू यानी सालाना किराये पर 30% का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। दूसरा अगर आपने घर खरीदने के लिए होम लोन लिया है, तो उसके ब्याज पर भी छूट मिलती है। यह फायदा नए टैक्स सिस्टम में भी जारी है।

लेकिन यहां एक बड़ा फर्क आता है। नए टैक्स सिस्टम में अगर आपके होम लोन का ब्याज किराए से ज्यादा है और आपको नुकसान होता है, तो आप इस नुकसान को अपनी सैलरी या अन्य इनकम से एडजस्ट नहीं कर सकते। हालांकि, इस नुकसान को आगे के सालों में सिर्फ हाउस प्रॉपर्टी इनकम से ही एडजस्ट किया जा सकता है।

यही वजह है कि पुराने टैक्स सिस्टम में यह फायदा ज्यादा मिलता था, क्योंकि वहां आप इस नुकसान को अपनी कुल इनकम से घटाकर टैक्स बचा सकते थे। नए सिस्टम में यह फायदा लिमिटेड हो गया है।

एक बड़ी कमी यह है कि भारत में कई बार किराया कम होता है, लेकिन होम लोन का ब्याज ज्यादा होता है। ऐसे में ब्याज की रकम किराए से ज्यादा हो जाती है और टैक्सेबल इनकम जीरो हो सकती है। कुछ लोग इसका फायदा उठाकर ज्यादा लोन लेते हैं या पुराने लोन को रिफाइनेंस कराते हैं ताकि ब्याज बढ़े और टैक्स कम देना पड़े। हालांकि, यह पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन टैक्स विभाग इस पर नजर रखता है।

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