31 मार्च से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना लग सकती है पेनल्टी

31 मार्च से पहले कुछ जरूरी फाइनेंशियल काम निपटाना बेहद जरूरी है। इसमें चूक हुई तो पेनल्टी लग सकती है। जानिए किन कामों को समय रहते पूरा करना जरूरी है।

अपडेटेड Mar 30, 2026 पर 11:00 PM
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अगर आपने इस साल नौकरी बदली है, तो अपने मौजूदा नियोक्ता को Form 12B के जरिए पिछली नौकरी की सैलरी डिटेल जरूर दें।

वित्त वर्ष 2025-26 खत्म होने वाला है और इसके साथ ही कुछ जरूरी फाइनेंशियल काम ऐसे हैं, जिन्हें समय रहते पूरा करना जरूरी है। अगर आप इन्हें टालते हैं, तो बाद में अतिरिक्त टैक्स, ब्याज या पेनल्टी देनी पड़ सकती है। इसलिए बेहतर है कि आखिरी तारीख से पहले ही सब काम निपटा लें।

एडवांस टैक्स जमा किया या नहीं?

अगर आपकी कुल टैक्स देनदारी ₹10,000 से ज्यादा है, तो 15 मार्च 2026 तक एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त जमा करनी थी। अगर यह नहीं किया, तो सेक्शन 234C के तहत ब्याज देना पड़ेगा।


इसके अलावा, 31 मार्च 2026 तक कम से कम 90% टैक्स जमा नहीं किया तो सेक्शन 234B के तहत भी अतिरिक्त ब्याज लगेगा।

टैक्स बचाने का आखिरी मौका

अगर आप पुराने टैक्स रिजीम में हैं, तो अभी भी निवेश करके टैक्स बचा सकते हैं। सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है। इसमें ELSS, PPF, लाइफ इंश्योरेंस, ULIP, सुकन्या योजना, NSC और टैक्स सेविंग FD शामिल हैं। सेक्शन 80CCD (1B) के तहत NPS में निवेश पर अतिरिक्त ₹50,000 की छूट मिलती है।

सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर अधिकतम ₹1 लाख तक का फायदा मिल सकता है। इसमें खुद, परिवार और माता-पिता के लिए अलग-अलग लिमिट तय है, और ₹5,000 तक हेल्थ चेकअप का खर्च भी शामिल किया जा सकता है।

नौकरी बदली है तो यह काम जरूरी

अगर आपने इस साल नौकरी बदली है, तो अपने मौजूदा नियोक्ता को Form 12B के जरिए पिछली नौकरी की सैलरी डिटेल जरूर दें।

अगर यह जानकारी नहीं दी, तो TDS कम कट सकता है और बाद में ITR भरते समय आपको अतिरिक्त टैक्स और ब्याज देना पड़ सकता है।

PPF और सुकन्या खाते को एक्टिव रखें

अगर आपके पास PPF या सुकन्या समृद्धि खाता है, तो उसमें हर वित्त वर्ष न्यूनतम रकम जमा करना जरूरी होता है।

PPF में कम से कम ₹500 और सुकन्या खाते में कम से कम ₹250 जमा करना जरूरी है। अगर यह नहीं किया गया, तो खाता निष्क्रिय हो सकता है।

MSME को समय पर भुगतान करें

सेक्शन 43B(h) के तहत माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज को समय पर भुगतान करना जरूरी है। बिना लिखित एग्रीमेंट के 15 दिन और लिखित एग्रीमेंट के साथ 45 दिन की सीमा तय है।

अगर समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो यह खर्च टैक्स में मान्य नहीं होगा और आपकी टैक्स देनदारी बढ़ सकती है। बिजनेस करने वालों को अपने सभी पेमेंट्स का मिलान कर समय पर भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।

कैपिटल गेन या लॉस जरूर चेक करें

वित्त वर्ष खत्म होने से पहले अपने कैपिटल गेन और लॉस की समीक्षा करना जरूरी है। इससे सही टैक्स कैलकुलेशन में मदद मिलती है और टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग का फायदा लिया जा सकता है।

इस प्रक्रिया में नुकसान वाले शेयर या म्यूचुअल फंड बेचकर उस लॉस को अपने मुनाफे के खिलाफ एडजस्ट किया जाता है, जिससे कुल टैक्स कम हो जाता है।

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(लेखक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। वह पर्सनल फाइनेंस खासकर इनकम टैक्स से जुड़े मसलों के एक्सपर्ट हैं)

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