पिछले कुछ सालों में NGO सेक्टर के लिए नियमों में कई बदलाव किए गए हैं। दरअसल, सरकार एनजीओ को लेकर सख्ती बढ़ा रही है। चैरिटेबल और रिलिजियस ट्रस्ट्स और दूसरे संस्थानों के रजिस्ट्रेशन और कंप्लायंस के नियमों को सख्त बनाया जा रहा है। चैरिटेबल और रिलिजियस ट्रस्ट्स, सोसायटीज और कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कंपनीज एक्ट 2013 के सेक्शन 8 के तहत होता है। इन्हें इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10, 11, 12 और 80G के तहत कई तरह के एग्जेम्प्शंस और एप्रूवल्स मिलते हैं। हालांकि, ये एग्जेम्प्शंस और बेनेफिट हासिल करने के लिए इन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होती है।
