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Income Tax Refund: फर्जी डिडक्शंस क्लेम करने वालों की खैर नहीं, पेनाल्टी के साथ जेल भी हो सकती है

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच से पता चला है कि कुछ इंटरमीडियरीज ने कमीशन के आधार पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए पूरे देश में एजेंट्स के अपने नेटवर्क्स बनाए हैं। इस नेटवर्क का इस्तेमाल इनकम टैक्स एक्ट के तहत ज्यादा या फर्जी डिडक्शंस क्लेम करने के लिए हो रहा है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 18, 2025 पर 6:36 PM
Income Tax Refund: फर्जी डिडक्शंस क्लेम करने वालों की खैर नहीं, पेनाल्टी के साथ जेल भी हो सकती है
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर किसी टैक्सपेयर को लगता है कि उसने गलत डिडक्शन क्लेम किया है तो वह आईटीआर-यू फाइल कर सकता है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जांच में डिडक्शंस के बड़े पैमाने पर दुरूपयोग के मामलों का पता लगाया है। डिपार्टमेंट को डेटा एनालिटिक्स और एआई टूल्स से फर्जी या बढ़ाकर किए गए क्लेम्स का पता चला है। ये फर्जी टीडीएस रिफंड एजेंट्स की तरफ से फाइल किए गए हैं।

फर्जी डिडक्शंस फाइल करने के लिए एजेंट्स का बड़ा नेटवर्क

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, जांच से पता चला है कि कुछ इंटरमीडियरीज ने कमीशन के आधार पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए पूरे देश में एजेंट्स के अपने नेटवर्क्स बनाए हैं। इस नेटवर्क का इस्तेमाल इनकम टैक्स एक्ट के तहत ज्यादा या फर्जी डिडक्शंस क्लेम करने के लिए होता है। यह भी पता चला है कि ज्यादातर फर्जी क्लेम का संबंध रजिस्टर्ड अनरिकॉग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टीज (RUPPs) और कुछ चैरिटेबल इंस्टीट्यूशंस को किए गए डोनेशन से है।

ज्यादातर इन सेक्शंस में फाइल होते हैं फर्जी डिडक्संस के क्लेम 

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