India's largest UPI App: सचिन बंसल के Navi का बड़ा धमाल, टॉप 3 के बाद सबसे अधिक इसी से हुआ यूपीआई लेन-देन

India's largest UPI App: पिछले महीने अक्टूबर में कई ऑनलाइन और ऑफलाइन फेस्टिव सेल्स के चलते UPI प्लेटफॉर्म पर लेन-देन में 11 फीसदी और मूल्य में 14 फीसदी की तेजी दिखी। वहीं ऐपवाइज बात करें तो टॉप-3 के बाद चौथे स्थान पर क्रेड को पछाड़कर सचिन बंसल का फिनटेक ऐप नावी (Navi) पहुंच गया है। चेक करें ऐपवाइज क्या स्थिति है

अपडेटेड Nov 18, 2024 पर 4:38 PM
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India's largest UPI App: फ्लिपकार्ट (Flipkart) के बाद की पारी में भी सचिन बंसल काफी धमाल मचा रहे हैं। उनका फिनटेक ऐप नावी (Navi) सितंबर की तुलना में अक्टूबर में 31 फीसदी बढ़ गया और क्रेड (Cred) को पछाड़कर देश का चौथा सबसे बड़ा यूपीआई ऐप बन गया।

India's largest UPI App: फ्लिपकार्ट (Flipkart) के बाद की पारी में भी सचिन बंसल काफी धमाल मचा रहे हैं। उनका फिनटेक ऐप नावी (Navi) सितंबर की तुलना में अक्टूबर में 31 फीसदी बढ़ गया और क्रेड (Cred) को पछाड़कर देश का चौथा सबसे बड़ा यूपीआई ऐप बन गया। इसके आगे अब फोनपे (PhonePe), गूगल पे (Google Pay) और पेटीएम (Paytm) ही हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर महीने में नावी से 15.8 करोड़ लेन-देन हुए जबकि सितंबर महीने में यह आंकड़ा 12 करोड़ ही था। यह ग्रोथ ऐसे समय में दिखी, जब ऐप ने इंसेंटिव या कैशबैक कम कर दिया है। वहीं कुणाल शाह के क्रेड पर लेन-देन इस दौरान 14 करोड़ से बढ़कर 15.2 करोड़ पर पहुंचा। वहीं फ्लिपकार्ट ग्रुप के यूपीआई फिनटेक ऐप सुपरडॉटमनी पर लेन-देन दोगुना होकर 5 करोड़ पर पहुंच गया।

UPI मार्केट में किसका कितना दबदबा?

नावी और क्रेड दोनों ही यूपीआई पेमेंट्स में 1-1 फीसदी के करीब हिस्सेदारी है। वहीं इस मामले में वालनार्ट की फोनपे किंग है और इसके पास करीब 48 फीसदी मार्केट है। इसके बाद गूगल पे की यूपीआई पेमेंट्स में 37 फीसदी हिस्सदारी है। तीसरे स्थान पर पेटीएम है लेकिन इसकी हिस्सेदारी 10 फीसदी से काफी कम 7 फीसदी ही है। सुपरडॉटमनी की हिस्सेदारी 0.3 फीसदी ही है लेकिन एक ही महीने में इसकी ग्रोथ तीन गुनी रही। पिछले महीने अक्टूबर में कई ऑनलाइन और ऑफलाइन फेस्टिव सेल्स के चलते UPI प्लेटफॉर्म पर लेन-देन में 11 फीसदी और मूल्य में 14 फीसदी की तेजी दिखी।


Navi और super.money के बारे में

अक्टूबर में आरबीआई ने नावी फिनसर्व समेत चार एनबीएफसी को 21 अक्टूबर से कर्ज बांटने पर रोक लगा दिया था। यह रोक ऊंची ब्याज दरों, अनुचित और छिपे हुए चार्जेज, और एवरग्रीनिंग लोन के चलते लगा था। हालांकि इन प्रतिबंधों से यूपीआई लेन-देन पर कोई असर नहीं पड़ा। नावी पर इंस्टेंट पर्सनल लोन, होम लोन, बिल पेमेंट, इंश्योरेंस, डिजिटल गोल्ड और म्यूचुअल फंड्स की सर्विसेज मिलती है। खास बात ये है कि बाकी फिनटेक और यूपीआई ऐप्स के विपरीत बिल पेमेंट्स और डिजिटल गोल्ड के अलावा नावी बाकी प्रोडक्ट्स की मैनुफैक्चरर है, न कि थर्ड पार्टी डिस्ट्रीब्यूटर। super.money की बात करें तो इसका दांव रूपे क्रेडिट कार्ड समेत अन्य क्रेडिट प्रोडक्ट्स को बेचने पर है। यह ऐप जून के आखिरी दिनों में लॉन्च हुआ था और आधिकारिक तौर पर इसे अगस्त में लॉन्च किया गया था।

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