क्या आप अपने एंप्लॉयर को फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की अंतिम तिमाही में टैक्स-सेविंग्स इनवेस्टमेंट का प्रूफ देना भूल गए थे? क्या पिछले साल अप्रैल में प्रपोज्ड इनवेस्टमेंट डेक्लेरेशन करते वक्त आपने इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम को सेलेक्ट नहीं किया था? अगर कोई एंप्लॉयी प्रपोज्ड डेक्लेरेशन के वक्त एप्लॉयर को यह नहीं बताता है कि वह इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करेगा तो कंपनी का फाइनेंस डिपार्टमेंट यह मान लेता है कि एंप्लॉयी इनकम टैक्स की नई रीजीम का इस्तेमाल करेगा। इसकी वजह यह है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नई रीजीम को डिफॉल्ट रीजीम बना दी है।
नई रीजीम सेलेक्ट होने के बावजूद इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइलिंग के वक्त आपके पास डिडक्शन क्लेम करने का मौका है। नई रीजीम के इस्तेमाल से अगर आपको कई रिफंड होगा तो वह आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा। इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में सेक्शन 80सी और सेक्शन 80डी के तहत डिडक्शन मिलता है। ये डिडक्शन इनकम टैक्स की नई रीजीम में नहीं मिलते हैं। मनीकंट्रोल आपको सेक्शन 80डी, सेक्शन 80डीडी और सेक्शन 80डीडीबी के बारे में बता रहा है।
ITR फाइल करने से पहले सेक्शन 80डी के बारे में जान लें
टैक्सपेयर हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर डिडक्शन का दावा कर सकता है। इसके अलावा खुद और फैमिली के हेल्थ चेकअप पर हुए खर्च पर भी डिडक्शन मिलता है। इसे प्रिवेंटिव हेल्थकेयर डिडक्शन कहा जाता है। प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप पर डिडक्शन की लिमिट 5000 रुपये है। इसके अलावा हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर एक वित्त वर्ष में 25,000 रुपये का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। अगर टैक्सपेयर अपने सीनियर सिटीजन मातापिता के लिए हेल्थ पॉलिसी लेता है तो सालाना 50,000 रुपये डिडक्शन की इजाजत है।
ITR में सेक्शन 80डीडी का दावा
कोई टैक्सपेयर अपने परिवार के दिव्यांग सदस्य के इलाज खर्च पर डिडक्शन ले सकता है। परिवार के सदस्य में टैक्सपेयर का पति/पत्नी, बच्चे, मातापिता, भाई और बहन शामिल हैं। दिव्यांग सदस्य के लिए हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर भी डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। अगर विकलांगता 40 फीसदी तक है तो 75000 रुपये तक डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। विकलांगता 80 फीसदी तक होने पर 1.25 लाख रुपये का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। इसके लिए मेडिकल अथॉरिटी से विकलांगता का सर्टिफिकेट सब्मिट करना जरूरी है।
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ITR में सेक्शन 80डीडीबी क्लेम करने की शर्तें
इस सेक्शन के तहत कुछ खास बीमारियों के इलाज पर आने वाले खर्च पर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। टैक्सपेयर खुद के लिए या परिवार के सदस्य (डिपेंडेंट) के लिए इस सेक्शन के तहत डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। एक वित्त वर्ष में 40,000 रुपये तक के डिडक्शन की इजाजत है। अगर बीमार व्यक्ति सीनियर सिटीजन है तो डिडक्शन बढ़कर 1 लाख रुपये तक हो जाता है। खास बीमारियों की लिस्ट में डिमेंशिया, पार्किंसन, मैलिग्नेंट कैंसर और हीमोफीलिया शामिल हैं।