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Jewellery Insurance: ज्वेलरी इंश्योरेंस में क्या-क्या होता है कवर? जानिए इसे लेना चाहिए या नहीं

Jewellery Insurance: सोने की बढ़ती कीमतों के साथ ज्वेलरी से जुड़ा जोखिम भी बढ़ गया है, लेकिन इंश्योरेंस कवर अभी भी कम है। जानिए ज्वेलरी इंश्योरेंस में क्या-क्या कवर होता है और क्या इसे लेना आपके लिए सही फैसला होगा।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Apr 26, 2026 पर 5:00 PM
Jewellery Insurance: ज्वेलरी इंश्योरेंस में क्या-क्या होता है कवर? जानिए इसे लेना चाहिए या नहीं
ज्वेलर्स के लिए 'ज्वेलर्स ब्लॉक इंश्योरेंस' एक अहम पॉलिसी मानी जाती है।

Jewellery Insurance: सोने की कीमत करीब ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास है। इससे घरों और कारोबार दोनों में सोने की कुल वैल्यू काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही ज्वेलरी के साथ जुड़ा जोखिम भी बढ़ रहा है।

भारत में लोग सोना तो लगातार खरीद रहे हैं, लेकिन उसके हिसाब से इंश्योरेंस नहीं ले रहे। इससे ग्राहक और ज्वेलर्स दोनों चोरी-नुकसान जैसे जोखिम के प्रति ज्यादा असुरक्षित हो गए हैं।

महंगा सोना, ज्यादा जोखिम

घर में रखी ज्वेलरी की वैल्यू बढ़ने से चोरी, सेंधमारी या गलती से नुकसान का खतरा ज्यादा हो जाता है। वहीं ज्वेलर्स के लिए जोखिम और बड़ा है, क्योंकि उनका स्टॉक महंगा हो गया है और उसे स्टोर करने, दिखाने और ट्रांसपोर्ट करने के दौरान खतरा बढ़ गया है।

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