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फिर से रसोई में दिखेगा केरोसिन! जानिए कैसे ये घर और बाजार से हुआ था गायब

एक समय रसोई और लालटेन की पहचान रहा केरोसिन पिछले दशक में लगभग गायब हो गया था। लेकिन LPG संकट और वैकल्पिक ईंधन की चर्चा के बीच मिट्टी के तेल की फिर से वापसी की बात होने लगी है। जानिए इसके गायब होने और वापस आने की कहानी।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Mar 12, 2026 पर 10:32 PM
फिर से रसोई में दिखेगा केरोसिन! जानिए कैसे ये घर और बाजार से हुआ था गायब
कभी सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने के कारण केरोसिन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता था।

ईरान युद्ध संकट से दुनियाभर में LPG समेत दूसरे जरूरी ईंधन की किल्लत हो गई है। ऐसे में कई देश वैकल्पिक ईंधन का रुख कर रहे हैं। जैसे कि बायोमास, RDF पेललेट, केरोसिन और कोयला। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि वैकल्पिक ईंधन का विकल्प तैयार रहा है। इसमें केरोसिन की वापसी की काफी चर्चा है। क्योंकि किसी वक्त यह रसोई की शान हुआ करती था।

एक समय ऐसा था जब केरोसिन यानी मिट्टी का तेल गांव के लगभग हर घर में इस्तेमाल होता था। लालटेन जलाने से लेकर स्टोव पर खाना पकाने तक यह रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। हिंदी के मशहूर लेखक फणीश्वरनाथ रेणु ने भी अपनी मशहूर कहानी ‘पंचलाइट’ में केरोसिन का जिक्र किया है। उस दौर में यह सरकारी राशन की दुकानों पर रियायती दाम पर भी मिलता था।

कैसे रसोई से गायब हुआ केरोसिन

पिछले करीब एक दशक में तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। आज हालत यह है कि रसोई से केरोसिन का डिब्बा पूरी गायब हो चुका है। बाजार में भी यह आसानी से नहीं मिलता। सरकारी आंकड़े भी इसी बदलाव की ओर इशारा करते हैं।

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