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कम NAV मतलब ज्यादा मुनाफा? कहीं आप भी तो नहीं हैं म्यूचुअल फंड SIP से जुड़ी इस गलतफहमी के शिकार

Mutual Fund NAV: म्यूचुअल फंड में नेट एसेट वैल्यू यानी NAV को लेकर निवेशकों में सबसे ज्यादा भ्रम रहता है। आइए जानते हैं कि NAV क्या है, SIP से पहले इसे देखना कितना जरूरी है और निवेशक को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।

Suneel Kumarअपडेटेड Jan 21, 2026 पर 3:59 PM
कम NAV मतलब ज्यादा मुनाफा? कहीं आप भी तो नहीं हैं म्यूचुअल फंड SIP से जुड़ी इस गलतफहमी के शिकार
NAV से फंड चुनना सही तरीका नहीं है, लेकिन कुछ जगहों पर NAV जरूरी होता है।

Mutual Fund NAV: म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय सबसे ज्यादा गलत समझा जाने वाला शब्द है नेट एसेट वैल्यू यानी NAV। बहुत से लोग मानते हैं कि जिस फंड का NAV कम है, वह सस्ता है। वहीं ज्यादा NAV वाला महंगा है। कई निवेशक ऊंचा NAV देखकर उस फंड से दूरी बना लेते हैं। बाजार गिरते ही जैसे ही NAV नीचे आता है, घबराकर लोग फंड बेचने लगते हैं।

हकीकत यह है कि NAV का आपके निवेश की सफलता या नाकामी से बहुत सीमित रिश्ता होता है। NAV को समझने के लिए सिर्फ इसकी परिभाषा नहीं, बल्कि यह जानना जरूरी है कि NAV क्या बताता है और क्या नहीं बताता।

म्यूचुअल फंड में NAV क्या है

NAV किसी म्यूचुअल फंड के पोर्टफोलियो की प्रति यूनिट कीमत होती है। इसमें फंड के पास मौजूद सारी संपत्ति से खर्च और देनदारियां घटाने के बाद की वैल्यू शामिल होती है। यह हर ट्रेडिंग दिन के अंत में, फंड में मौजूद शेयरों और बॉन्ड्स के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय होती है।

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