Get App

₹30000 की SIP और हर 3 साल में ₹50 लाख का रिटर्न! जानिए म्यूचुअल फंड कंपाउंडिंग का असली जादू

Mutual Fund SIP Compounding: क्या आप भी हर महीने म्यूचुअल फंड में रेगुलर एसआईपी कर रहे हैं और 2-3 सालों में कुछ खास रिटर्न न देखकर निराश हो रहे हैं? आज के समय में ये आम बात है और लोग SIP बंद करने की सोचने लगते है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ₹30,000 की मंथली एसआईपी से पहला ₹50 लाख का फंड बनने में जहां 8 साल से ज्यादा का समय लगता है, वहीं आगे चलकर हर 2 से 3 साल में पोर्टफोलियो में ₹50-50 लाख रुपये जुड़ने लगते हैं? जानें पूरा गणित

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 29, 2026 पर 11:22 AM
₹30000 की SIP और हर 3 साल में ₹50 लाख का रिटर्न! जानिए म्यूचुअल फंड कंपाउंडिंग का असली जादू
म्यूचुअल फंड में जैसे-जैसे समय बीतता है, आपको मिले हुए रिटर्न पर भी रिटर्न मिलना शुरू हो जाता है

Mutual Fund SIP Compounding Formula: 'मेरे म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में कुछ भी खास नहीं हो रहा है, पैसा वहीं का वहीं अटका हुआ लगता है।' अगर आप भी हर महीने रेगुलर एसआईपी कर रहे हैं और शुरुआती 2-3 सालों में बड़े रिटर्न न देखकर निराश हो रहे हैं, तो आज के मार्केट कंडीशन में ये थिंकिंग स्वाभाविक है। म्यूचुअल फंड में नए निवेशकों के धैर्य खोने और SIP बंद करने की सबसे बड़ी वजह यही शुरुआती धीमी रफ्तार होती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि ₹30,000 की मंथली एसआईपी से पहला ₹50 लाख का फंड बनने में जहां 8 साल से ज्यादा का समय लगता है, वहीं आगे चलकर हर 2 से 3 साल में पोर्टफोलियो में ₹50-50 लाख रुपये जुड़ने लगते हैं?

आइए 'फंड्सइंडिया' (FundsIndia) के आंकड़ों से समझते हैं कि कंपाउंडिंग की ताकत कैसे काम करती है और शुरुआत में धीमा दिखने वाला निवेश बाद में रॉकेट की रफ्तार कैसे पकड़ता है।

₹30,000 की SIP से कैसे घटती जाती है ₹50 लाख की टाइमलाइन?

सब समाचार

+ और भी पढ़ें