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New Labour Code: आपकी टेक-होम सैलरी घटेगी या बढ़ेगी? पुरानी और नई टैक्स रिजीम पर क्या पड़ेगा असर, सब जानिए

New Labour Code Salary Structure: नए लेबर कोड के अनुसार, आपकी 'वेजेस' आपकी कुल सैलरी की कम से कम 50% होनी चाहिए। अगर आपके अलाउंस जैसे- HRA, कन्वेयंस और ओवरटाइम आपकी CTC के 50% से ज्यादा हैं, तो उस अतिरिक्त राशि को आपकी 'बेसिक पे' में जोड़ दिया जाएगा

Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 22, 2026 पर 9:19 AM
New Labour Code: आपकी टेक-होम सैलरी घटेगी या बढ़ेगी? पुरानी और नई टैक्स रिजीम पर क्या पड़ेगा असर, सब जानिए
भले ही आपकी कुल सैलरी न बदले, लेकिन आपके हाथ में आने वाला पैसा घट सकता है

New Labour Code: देश में न्यू लेबर कोड (New Labour Code) को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसे लागू होने को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आपकी बेसिक सैलरी (Basic Pay) सीधे आपकी CTC की आधी यानी 50% हो जाएगी? इसका जवाब है- शायद नहीं। दरअसल कंपनियां आपकी सैलरी को इस तरह रीस्ट्रक्चर करेंगी कि आपकी 'टेक-होम सैलरी' (Take-home Salary) कम हो सकती है, लेकिन आपका रिटायरमेंट फंड (PF) मजबूत होगा।

क्या है 50% वाला नया नियम?

नए लेबर कोड के अनुसार, आपकी 'वेजेस' आपकी कुल सैलरी की कम से कम 50% होनी चाहिए। अगर आपके अलाउंस जैसे- HRA, कन्वेयंस, ओवरटाइम आदि, आपकी CTC के 50% से ज्यादा हैं, तो उस अतिरिक्त राशि को आपकी 'बेसिक पे' में जोड़ दिया जाएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनियां बेसिक पे को सीधे 50% पर नहीं ले जाएंगी, बल्कि अलाउंस के कंपोनेंट्स को बदलेंगी ताकि वे कानूनी रूप से नियम का पालन कर सकें।

टेक-होम सैलरी क्यों कम होगी?

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