New Labour Code: देश में लागू हुए नए लेबर कोड अब कर्मचारियों की सैलरी के तरीके को बदलने वाले हैं। नए नियम के मुताबिक अब किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी, डीए और रिटेनिंग अलाउंस मिलाकर कुल सैलरी (CTC) का कम से कम 50% होना जरूरी है। बेसिक सैलरी को 50% तक बढ़ाने के नियम से जहां इन-हैंड सैलरी कुछ कम हो सकती है, वहीं PF और ग्रेच्युटी जैसे फंड जल्दी बढ़ेंगे। इस बदलाव का असर हर कर्मचारी पर एक जैसा नहीं होगा। करियर की शुरुआत करने वालों को ज्यादा फायदा मिल सकता है, जबकि ज्यादा सैलरी पाने वालों की जेब पर तुरंत असर दिखेगा क्योंकि उनकी सैलरी ज्यादा कटेगी।
