Get App

New Labour Code: नए सैलरी स्ट्रक्चर से इन कर्मचारियों को होगा सबसे ज्यादा फायदा, जानिये कैसे?

New Labour Code: सिक सैलरी को 50% तक बढ़ाने के नियम से जहां इन-हैंड सैलरी कुछ कम हो सकती है, वहीं PF और ग्रेच्युटी जैसे फंड जल्दी बढ़ेंगे। इस बदलाव का असर हर कर्मचारी पर एक जैसा नहीं होगा। जानिये किन कर्मचारियों को होगा ज्यादा फायदा

Edited By: Sheetalअपडेटेड Apr 20, 2026 पर 12:13 PM
New Labour Code: नए सैलरी स्ट्रक्चर से इन कर्मचारियों को होगा सबसे ज्यादा फायदा, जानिये कैसे?
New Labour Code: देश में लागू हुए नए लेबर कोड अब कर्मचारियों की सैलरी के तरीके को बदलने वाले हैं।

New Labour Code: देश में लागू हुए नए लेबर कोड अब कर्मचारियों की सैलरी के तरीके को बदलने वाले हैं। नए नियम के मुताबिक अब किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी, डीए और रिटेनिंग अलाउंस मिलाकर कुल सैलरी (CTC) का कम से कम 50% होना जरूरी है। बेसिक सैलरी को 50% तक बढ़ाने के नियम से जहां इन-हैंड सैलरी कुछ कम हो सकती है, वहीं PF और ग्रेच्युटी जैसे फंड जल्दी बढ़ेंगे। इस बदलाव का असर हर कर्मचारी पर एक जैसा नहीं होगा। करियर की शुरुआत करने वालों को ज्यादा फायदा मिल सकता है, जबकि ज्यादा सैलरी पाने वालों की जेब पर तुरंत असर दिखेगा क्योंकि उनकी सैलरी ज्यादा कटेगी।

पहले कंपनियां सैलरी का बड़ा हिस्सा HRA, बोनस, स्पेशल अलाउंस जैसे हिस्सों में दिखाती थीं, जिससे कर्मचारियों को ज्यादा इन-हैंड सैलरी मिलती थी। लेकिन अब अगर ये अलाउंस कुल सैलरी के 50% से ज्यादा होते हैं, तो अतिरिक्त हिस्सा बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा। इसका सीधा असर PF और ग्रेच्युटी पर पड़ेगा, क्योंकि ये दोनों बेसिक सैलरी पर ही तय होते हैं।

किसे होगा फायदा?

टीमलीज सर्विस के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट बालासुब्रमण्यम ने कहा कि जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अभी 50% से कम है, उनके लिए यह बदलाव लंबे समय में फायदेमंद साबित होगा। उनकी PF और ग्रेच्युटी में ज्यादा पैसा जमा होगा, जिससे रिटायरमेंट के समय बड़ी रकम मिल सकती है। हालांकि, इसका असर यह होगा कि हर महीने मिलने वाली इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम हो जाएगी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें