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New Labour Codes: नए लेबर कोड्स लागू होने से घट जाएगी टेक-होम सैलरी, यहां जानिए पूरा कैलकुलेशन

नए लेबर कोड के लागू होने के बाद सैलरी स्ट्रक्चर बदलने जा रहा है। नए कोड में कहा गया है कि एंप्लॉयीज की कम से कम 50 फीसदी CTC वेज (Wage) मानी जाएगी। बेसिक पे सीटीसी का कम से कम 50 फीसदी तय होने का सीधा असर एंप्लॉयीज और एंप्लॉयर्स दोनों पर पड़ेगा

Your Money Deskअपडेटेड Nov 28, 2025 पर 5:58 PM
New Labour Codes: नए लेबर कोड्स लागू होने से घट जाएगी टेक-होम सैलरी, यहां जानिए पूरा कैलकुलेशन
बेसिक सैलरी बढ़ने से एंप्लॉयीज और एंप्लॉययर्स दोनों का पीएफ में कंट्रिब्यूशन बढ़ जाएगा।

सरकार ने नए लेबर कोड्स लागू कर दिए हैं। इसका असर न सिर्फ एचआर डिपार्टमेंट्स और कंपनियों की बैलेंसशीट्स पर पड़ेगा बल्कि एंप्लॉयीज की सैलरी पर भी पड़ेगा। ऐसे लाखों एंप्लॉयीज जिनका बेसिक पे उनके सीटीसी के 50 फीसदी से कम है, उनकी टेक-होम सैलरी कम हो सकती है। हालांकि, उनके कुल सैलरी पैकेज में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।

अभी एंप्लॉयीज का सैलरी स्ट्रक्चर

पिछले कई सालों से एंप्लॉयीज के सैलरी स्ट्रक्चर के लिए एंप्लॉयर्स एक खास फॉर्मूले का इस्तेमाल करते आए हैं। वे एंप्लॉयीज का बेसिक पे उनके सीटीसी का 25-40 फीसदी रखते हैं। इसके पीछे उनका एक खास मकसद होता है। इससे सैलरी में स्पेशल अलाउन्स का हिस्सा बढ़ जाता है। इसके चलते हर महीने एंप्लॉयी के हाथ में ज्यादा पैसे आते हैं।

बदल जाएगा सैलरी का स्ट्रक्चर

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