अगर आपने 30 जून तक अपने पैन को आधार से लिंक नहीं किया तो आपका पैन अब तक निष्क्रिय हो चुका होगा। निष्क्रिय पैन होने के कुछ परिणाम यह हैं कि आप बैंक एफडी और म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश नहीं कर सकते हैं। पैन एक्टिव नहीं होने पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइन नहीं कर सकते। इसके अलावा अपने टैक्स रिफंड का दावा भी नहीं कर सकते। यदि पैन निष्क्रिय हो गया है तो भी कुछ वित्तीय लेनदेन किए जा सकते हैं। हालांकि, इन ट्रांजेक्शन पर TDS (Tax Deducted at Source) और TCS (Tax Collection at Source) शामिल होना जरूरी है। अगर आपका पैन एक्टिव नहीं है तो भी आप पैसे से जुडे कई काम कर सकते हैं। यहां उन कामों की लिस्ट दी गई है।
