बड़ी खबर! PPF में पैसा लगाने वालों को मिलेगी खुशखबरी, जून महीने में होगा बड़ा ऐलान

PPF interest rate: केंद्र सरकार छोटी बचत योजनाओं पर हर तीन महीने में ब्याज दरों को रिवीजन करती है। सरकार ने मार्च 2023 में आखिरी बार छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी, तब से ऐसी उम्मीदें हैं कि सरकार लगभग 3 सालों के बाद पीपीएफ की ब्याज दर में बढ़ोतरी करेगी

अपडेटेड Jun 09, 2023 पर 4:16 PM
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PPF: सरकार पीपीएफ पर ब्याज दरें बढ़ा सकती है।

PPF interest rate: केंद्र सरकार छोटी बचत योजनाओं पर हर तीन महीने में ब्याज दरों को रिवीजन करती है। सरकार ने मार्च 2023 में आखिरी बार छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी, तब से ऐसी उम्मीदें हैं कि सरकार लगभग 3 सालों के बाद पीपीएफ की ब्याज दर में बढ़ोतरी करेगी। सरकार को जून के अंत में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों पर फैसला करना है। इस बार उम्मीद है कि सरकार पीपीएफ पर ब्याज दरें बढ़ा सकती है।

3 सालों से PPF की ब्याज दरें नहीं हुई हैं रिवाइज

सरकार ने अप्रैल 2020 से पीपीएफ ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, एक समय पीपीएफ पर ब्याज 7.9% फीसदी मिलता था जिसे घटाकर 7.1% कर दिया गया। देश में 1 अप्रैल 2020 से पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1% पर बनी हुई है। जून के अंत में सरकार पीपीएफ के निवेशकों को अच्छी खबर दे सकती है।


आखिर क्यों नहीं बढ़ा रहा है PPF पर ब्याज

सरकारी अधिकारियों के अनुसार पीपीएफ ब्याज दर में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने का एक कारण यह है कि इस योजना से टैक्स के बाद रिटर्न अधिक है। सबसे ज्यादा (31.2%) टैक्स ब्रैकेट में करदाताओं के मामले में यह लगभग 10.32% है। इस स्कीम में निवेश किये गए पैसे पर ब्याज और टैक्स छूट को कैलकुलेट करें तो निवेशकों को कुल 10.32 फीसदी तक का ब्याज मिलता है। वहीं, अन्य स्कीमों की तुलना में इस पर पहले से ही ज्यादा ब्याज मिल रहा है।

एक्सपर्ट का मानना है कि नहीं बढ़ेगा ब्याज

एक्सपर्ट का मानना है कि स्कीम पर मिलने वाले ब्याज और टैक्स छूट को देखते हुए सरकार एक बार फिर पीपीएफ की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं कर सकती है। हालांकि, फिर भी निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि इस महीने के अंत में ब्याज दरों में रिवीजन होगा।

लंबे पीरियड के लिए होता है निवेश

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) या पीपीएफ भारत में एक लंबे पीरियड की निवेश योजना है। पीपीएफ योजना निवेशकों को 15 साल के पीरियड के लिए सालाना न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करने की इजाजत देता है। पीपीएफ पर ब्याज दर सरकार तय करती है और इस पर अभी सालाना 7.1 फीसदी का ब्याज मिलता है।

यहां मिलता है फायदा

पीपीएफ में 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। इसका मतलब है कि निवेशक 15 साल तक इसमें से पैसा नहीं निकाल सकता। हालांकि, कुछ शर्तों को पूरा करने पर 50 फीसदी तक का पैसा भी निकाल सकते हैं। आपके पीपीएफ अकाउंट के खाता खोलने की तारीख से 5 साल पूरे होने के बाद निवेशक पीपीएफ खाते से कुछ पैसा निकाल सकते हैं। आप चौथे साल के खत्म होने पर अपने अमाउंट का 50 फीसदी पैसा निकाल सकते हैं।

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