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PPF Vs SIP: ₹10,000 की मासिक बचत से कहां बनेगा बड़ा फंड? 15 साल के निवेश का समझें पूरा गणित

PPF Vs SIP: निवेशकों के सामने अक्सर यह सवाल होता है कि सुरक्षित सरकारी स्कीम चुनें या मार्केट से जुड़ा विकल्प चुनें। अगर आप हर महीने ₹10,000 निवेश करते हैं तो 15 साल बाद PPF (Public Provident Fund) और SIP (Systematic Investment Plan) दोनों ही अलग-अलग नतीजे देंगे। आइए जानते हैं दोनों के अलग-अलग फायदे।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Mar 19, 2026 पर 2:52 PM
PPF Vs SIP: ₹10,000 की मासिक बचत से कहां बनेगा बड़ा फंड? 15 साल के निवेश का समझें पूरा गणित

अपनी गाढ़ी कमाई को सही जगह निवेश करना हर किसी का सपना होता है, लेकिन जब बात सुरक्षित भविष्य और बेहतर रिटर्न की आती है, तो अक्सर निवेशक दो रास्तों पर आकर खड़े हो जाते हैं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और म्यूचुअल फंड SIP। यदि आप हर महीने ₹10,000 बचाने की क्षमता रखते हैं और आपका लक्ष्य अगले 15 वर्षों में एक बड़ा कॉर्पस तैयार करना है, तो यह समझना जरूरी है कि इन दोनों विकल्पों में से कौन सा आपके लिए 'वेल्थ क्रिएटर' साबित होगा।

PPF: सुरक्षा और निश्चित रिटर्न का भरोसा

पीपीएफ पारंपरिक निवेशकों की पहली पसंद रहा है। इसका सबसे बड़ा आकर्षण इसकी सरकारी गारंटी और टैक्स लाभ (E-E-E कैटेगरी) है। वर्तमान में PPF पर 7.1% की वार्षिक ब्याज दर मिल रही है।

अगर आप हर महीने ₹10,000 इस योजना में डालते हैं, तो 15 साल के अंत तक आपका कुल निवेश ₹18 लाख होगा। 7.1% की दर से इस पर मिलने वाला ब्याज लगभग ₹14.55 लाख होगा, जिससे आपका कुल मैच्योरिटी फंड ₹32.55 लाख के करीब बनेगा। यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बाजार के जोखिम से पूरी तरह बचना चाहते हैं और एक तय रिटर्न की उम्मीद रखते हैं।

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