Property documents: प्रॉपर्टी के कागजात असली हैं या जाली, खरीदने से पहले ऐसे करें पता

Property documents: घर या जमीन खरीदने से पहले प्रॉपर्टी के सभी कागजात सही हैं या नहीं, यह जांचना बेहद जरूरी है। इससे आपकी संपत्ति सुरक्षित रहेगी और आप फ्रॉड का शिकार होने से बच जाएंगे। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Oct 16, 2025 पर 2:55 PM
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अगर प्रॉपर्टी अभी बन रही है (under construction), तो देख लें कि प्रोजेक्ट का नाम राज्य की RERA वेबसाइट पर रजिस्टर्ड है या नहीं।

Property documents: घर या जमीन खरीदना जिंदगी का बड़ा सपना होता है, लेकिन यही वो जगह है जहां ज्यादातर लोग गलती कर बैठते हैं। क्योंकि वे कागजी काम को ठीक से समझे बिना ही सौदा पक्का कर लेते हैं। भारत में प्रॉपर्टी फ्रॉड और झगड़े आम हैं, इसलिए सबसे जरूरी है कि साइन करने या पेमेंट करने से पहले हर दस्तावेज को अच्छी तरह जांच लें। इससे आपकी संपत्ति सुरक्षित रहेगी। साथ ही, आप कानूनी झमेले में भी फंसने से बच जाएंगे।

टाइटल डीड से शुरुआत करें

टाइटल डीड वह कागज है, जो बताता है कि प्रॉपर्टी का असली मालिक कौन है। हमेशा इसकी असली कॉपी देखने की मांग करें। यह जरूर देखें कि विक्रेता का नाम सरकारी रिकॉर्ड से मेल खाता है या नहीं। यह भी सुनिश्चित करें कि टाइटल 'क्लियर' हो यानी संपत्ति पर कोई केस, विवाद या बंधक (loan) न हो और मालिक को बेचने का पूरा अधिकार हो।


एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट देखें

एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (Encumbrance Certificate) बताता है कि प्रॉपर्टी पर कोई बकाया लोन या कानूनी अड़चन तो नहीं है। इसे आप सब-रजिस्ट्रार (sub-registrar) दफ्तर से ले सकते हैं। यह आम तौर पर 15 से 30 साल की अवधि की जानकारी देता है। अगर संपत्ति पर कोई बैंक लोन बाकी है, तो वह इसमें दर्ज होगा। इससे आपको साफ पता चलेगा कि मालिक कहीं अपनी देनदारी आप पर तो नहीं डाल रहा।

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बिल्डिंग प्लान की जांच करें

अगर आप किसी प्रोजेक्ट में फ्लैट या घर खरीद रहे हैं, तो यह देख लें कि बिल्डर को स्थानीय विकास प्राधिकरण या नगर निगम से सभी मंजूरियां मिली हैं या नहीं। स्वीकृत नक्शा (approved building plan) जरूर मांगें और देखें कि असली निर्माण उसी के अनुसार हो रहा है या नहीं।

अगर बिल्डर ने नक्शे से अलग कोई अवैध बदलाव किया है, तो आगे चलकर आपको जुर्माना या तोड़फोड़ का नोटिस मिल सकता है।

टैक्स और यूटिलिटी बिल्स जरूर जांचें

बकाया टैक्स या बिजली-पानी के बिल आगे चलकर आपके लिए परेशानी बन सकते हैं। इसलिए विक्रेता से हाल की टैक्स रसीदें और बिजली-पानी के भुगतान के सबूत जरूर लें। इससे यह भी साफ हो जाएगा कि प्रॉपर्टी स्थानीय निकाय में सही तरीके से दर्ज है।

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RERA रजिस्ट्रेशन की पुष्टि करें

अगर प्रॉपर्टी अभी बन रही है (under construction), तो देख लें कि प्रोजेक्ट का नाम राज्य की RERA वेबसाइट पर रजिस्टर्ड है या नहीं। RERA रजिस्ट्रेशन का मतलब है कि बिल्डर को तय नियमों का पालन करना होगा और खरीदारों को अतिरिक्त कानूनी सुरक्षा मिलेगी। यह एक छोटा कदम है, लेकिन आगे चलकर बड़े विवादों से बचा सकता है।

वकील की मदद जरूर लें

अक्सर लोग सोचते हैं कि वकील पर खर्च क्यों करें, लेकिन यही खर्च आपको बाद में लाखों बचा सकता है। एक अनुभवी प्रॉपर्टी वकील डॉक्युमेंट्स की गहराई से जांच करता है, खामियां पकड़ता है और यह सुनिश्चित करता है कि आपका 'एग्रीमेंट टू सेल' और 'सेल डीड' पूरी तरह सुरक्षित हो।

घर खरीदना भावनाओं से जुड़ा फैसला है, लेकिन असली सुरक्षा कागजों में छिपी होती है। अगर आप शुरुआत में ही हर दस्तावेज को ठीक से परख लें, तो आपका सपना घर आगे चलकर किसी कानूनी झंझट में नहीं फंसेगा।

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