ATS Group की कंपनी पर होगी दिवालिया की कार्रवाई, 400 होमबायर्स पर पड़ेगा असर

आनंद डिवाइन डेवलपर्स कथित रूप से 25 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने में  नाकाम रही है। कंपनी गुड़गांव में एटीएस ट्रायंफ प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही है

अपडेटेड Apr 06, 2022 पर 6:23 PM
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इसका असर गुड़गांव के सेक्टर 104 में बन रहे एटीएस ट्रायंफ (ATS Triumph) प्रोजेक्ट के 443 होमबायर्स पर पड़ने का अनुमान है

ATS group company : एटीएस ग्रुप की कंपनी आनंद डिवाइन डेवलपर्स प्रा. लि. (Anand Divine Developers) के खिलाफ दिवालिया की कार्रवाई (Insolvency proceedings) शुरू कर दी गई है। दरअसल, कंपनी अपनी क्रेडिटर आईसीआईसीआई वेंचर कैपिटल फंड रियल एस्टेट स्कीम 1 को कथित रूप से 25 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने में नाकाम रही है। वहीं क्रेडिटर की ओर से इस संबंध में फाइल एक पिटीशन को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में स्वीकार किए जाने के साथ ही यह कार्रवाई शुरू हो गई है।

गुड़गांव के प्रोजेक्ट पर पड़ेगा असर

इसका असर गुड़गांव के सेक्टर 104 में बन रहे एटीएस ट्रायंफ (ATS Triumph) प्रोजेक्ट के 443 होमबायर्स पर पड़ने का अनुमान है, जिसका निर्माण आनंद डिवाइन द्वारा किया जा रहा है।


हाल के दौर में नेशनल कैपिटल रीजन में रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ हो रही इस तरह की कार्रवाई में यह ताजा मामला जुड़ गया है। होमबायर्स को डेवलपर्स के डिफॉल्ट्स के चलते लगातार अनिश्चितताओं से जूझना पड़ रहा है।

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प्रोजेक्ट की जमीन गिरवी रखकर कंपनी ने लिया था लोन

NCLT ने 25 मार्च को जारी अपने आदेश में कहा कि आनंद डिवाइन इस प्रोजेक्ट की 14 एकड़ जमीन गिरवी रखकर यह लोन लिया था। मनीकंट्रोल ने यह आदेश रिव्यू किया है। इनसॉल्वेंसी रिजॉल्युशन प्रोफेशनल के लिए हरीश तनेजा के नाम का प्रस्ताव किया है।

प्रोजेक्ट के बायर्स की तरफ विभिन्न अदालतों में मामले की पैरवी कर रहे पीएसपी लीगल के पार्टनर पीयूष सिंह ने कहा, एटीएस ने बायबैक स्कीम के माध्यम से बायर्स को लुभाने के लिए यह स्कीम लॉन्च की थी। ज्यादातर समझौते सबवेंशन-कम-बायबैक स्कीम के तहत किए गए थे।, जिसमें डेवलपर्स को अलॉटमेंट के तीन या चार साल के भीतर यूनिट्स बायबैक करनी थीं।

उन्होंने कहा कि होमबायर्स को तुरंत आईआरपी के सामने अपने दावे जमा करने चाहिए।

एटीएस ने कहा, जल्द जमा करेंगे समझौता

एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर लि. के सीएमडी गीतांबर आनंद ने कहा, “हमें आदेश की कॉपी मिल गई है और हम इसकी स्टडी कर रहे हैं। हालांकि, धनराशि खासी कम है और संबंधित प्रोजेक्ट और हैंडओवर हो चुका है। इसका दूसरे प्रोजेक्ट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हमने आईसीआईसीआई प्रू (आवेदक) के साथ मिलकर मामला निबटा लिया है और जल्द ही एक समझौता जमा करेंगे।”

हाल में दिल्ली-एनसीआर बेस्ड डेवलपर कंपनी सुपरटेक भी दिवालिया में चली गई थी। इसके नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में कई प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन हैं।

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