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सुपरटेक के घर कंप्लीट करे NBCC, सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT का आदेश रखा बरकरार; घर खरीदारों का 20 साल का इंतजार खत्म

कई घर खरीदारों के मुताबिक, सुपरटेक ने 2010-12 के दौरान डिलीवरी के लिए लगभग 51,000 घरों की बुकिंग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी ट्राइब्यूनल्स और हाईकोर्ट्स को आदेश दिया है कि वे ऐसा कोई भी आदेश न दें, जिससे NBCC लिमिटेड द्वारा किए जा रहे कंस्ट्रक्शन वर्क रुक जाएं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 7:37 PM
सुपरटेक के घर कंप्लीट करे NBCC, सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT का आदेश रखा बरकरार; घर खरीदारों का 20 साल का इंतजार खत्म
NCLAT ने 12 दिसंबर, 2024 के आदेश में NBCC को घर खरीदारों के हित में सुपरटेक के 16 हाउसिंग प्रोजेक्ट अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया था।

लगभग 20 साल से अपने सपनों के घर की बाट जोह रहे हजारों खरीदारों को सुप्रीम कोर्ट से एक राहत मिली है। कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) के उस आदेश को गुरुवार को बरकरार रखा, जिसमें NBCC को कर्ज में डूबी सुपरटेक के 16 हाउसिंग प्रोजेक्ट जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। NBCC सरकार के मालिकाना हक वाली कंपनी है, वहीं सुपरटेक लिमिटेड एक रियल एस्टेट कंपनी है। सुपरटेक के 16 हाउसिंग प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और कर्नाटक में अटके हैं। इनमें 49748 घरों के कंप्लीट होने का लगभग 27,000 घर खरीदार इंतजार कर रहे हैं।

अदालत ने सभी ट्राइब्यूनल्स और हाईकोर्ट्स को यह आदेश दिया है कि वे ऐसा कोई भी आदेश न दें, जिससे NBCC लिमिटेड द्वारा किए जा रहे कंस्ट्रक्शन वर्क रुक जाएं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने संविधान के आर्टिकल 142 के तहत अपनी असाधारण शक्ति का इस्तेमाल करते हुए NCLAT के 12 दिसंबर, 2024 के आदेश को बरकरार रखा। इस आदेश में NBCC को घर खरीदारों के हित में प्रोजेक्ट्स को अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया गया था।

घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना सबसे पहली प्राथमिकता

पीठ ने कहा कि कई घर खरीदारों के मुताबिक, सुपरटेक ने 2010-12 के दौरान डिलीवरी के लिए लगभग 51,000 घरों की बुकिंग की थी। चीफ जस्टिस ने कहा कि पीठ के लिए सबसे पहली प्राथमिकता घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना है। ऐसा इसलिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें वे घर मिल सकें, जिनका वे पिछले दो दशकों से इंतजार कर रहे हैं। चीफ जस्टिस ने यह साफ कर दिया कि सुपरटेक के फाइनेंशियल और ऑपरेशनल लेनदारों के हितों और बकाया का ध्यान तभी रखा जा सकता है, जब परेशान घर खरीदारों को पूरी तरह से तैयार घर मिल जाएं।

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