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RBI ने 3 घंटे के अंदर चेक क्लियरेंस के नियम को टाला, जानिए क्या है इसका मतलब

चेक क्लियरेंस से जुड़ा फेज 1 का फ्रेमवर्क इस साल की शुरुआत में लागू हुआ था। यह पहले की तरह काम करता रहेगा। आरबीआई ने चेक प्रोसेसिंग के लिए वर्किंग आवर में में भी बदलाव किया है। चेक प्रजेंटेशन विंडो सुबह 9 बजे से शाम 3 बजे तक खुले रहेंगे

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 24, 2025 पर 7:22 PM
RBI ने 3 घंटे के अंदर चेक क्लियरेंस के नियम को टाला, जानिए क्या है इसका मतलब
फेज 2 फ्रेमवर्क 3 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाला था।

आरबीआई ने चेक के जल्द क्लियरेंस से जुड़े फेज 2 नियमों को टाल दिया है। फेज 2 के नियम 3 जनवरी, 2026 से लागू होने वाले थे। इसके तहत बैंकों को इमेज मिलने के तीन घंटे के अंदर चेक को एप्रूव या रिजेक्ट करना जरूरी था। केंद्रीय बैंक ने इस बारे में 24 दिसंबर को एक सर्कुलर इश्यू किया। इसमें कहा गया है कि कंटिन्यूअस क्लियरिंग एंड सेटलमेंट (सीसीएस) फ्रेमवर्क के दूसरे फेज को अगले नोटिस तक टाल दिया गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि फेज 2 फ्रेमवर्क लागू होने की तारीख की जानकारी अलग ले दी जाएगी।

चेक प्रजेंटेशन विंडो सुबह 9 बजे से शाम 3 बजे तक खुले रहेंगे

चेक क्लियरेंस से जुड़ा फेज 1 का फ्रेमवर्क इस साल ही लागू हुआ था। यह पहले की तरह काम करता रहेगा। आरबीआई ने चेक प्रोसेसिंग के लिए वर्किंग आवर में में भी बदलाव किया है। चेक प्रजेंटेशन विंडो सुबह 9 बजे से शाम 3 बजे तक खुले रहेंगे। बैंक सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बीच चेक एप्रूव या रिजेक्ट कर सकेंगे।

अब चेक की क्लियरिंग डिजिटल इमेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा के जरिए होती है

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