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बड़ी इंश्योरेंस प्रीमियम से राहत, EMI में भरें किस्तें, बचत और सुरक्षा दोनों बनेगी

इंश्योरेंस कंपनियां अब ग्राहकों को सालाना भारी प्रीमियम एकमुश्त भरने के बजाय EMI में किस्तों में भुगतान करने का विकल्प दे रही हैं, जिससे बजट पर अचानक दबाव नहीं पड़ता। हालांकि EMI सुविधा आसान है, लेकिन इसमें ब्याज और अतिरिक्त शुल्क को ध्यान से समझना जरूरी है ताकि कवरेज महंगा न पड़े।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Feb 21, 2026 पर 3:10 PM
बड़ी इंश्योरेंस प्रीमियम से राहत, EMI में भरें किस्तें, बचत और सुरक्षा दोनों बनेगी

जब इंश्योरेंस पॉलिसी का सालाना प्रीमियम भरने का समय आता है, तो अक्सर लोगों को अपनी बचत तोड़नी पड़ती है या अचानक बड़ी रकम का इंतजाम करना पड़ता है। खासकर हेल्थ, लाइफ और मोटर इंश्योरेंस जैसी पॉलिसियों में प्रीमियम काफी भारी हो सकता है। लेकिन अब इस चिंता से छुटकारा मिल सकता है, क्योंकि बीमा कंपनियां ग्राहकों को प्रीमियम को आसान किस्तों यानी EMI में चुकाने का विकल्प दे रही हैं।

EMI विकल्प क्यों है फायदेमंद?

EMI में प्रीमियम भरने से सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको एकमुश्त बड़ी रकम नहीं निकालनी पड़ती। मान लीजिए आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का सालाना प्रीमियम 36,000 रुपये है। पहले आपको यह पूरी राशि एक साथ देनी होती थी, लेकिन EMI विकल्प चुनने पर आप इसे 3,000 रुपये मासिक किस्तों में चुका सकते हैं। इससे आपकी मासिक बजटिंग आसान हो जाती है और अचानक आर्थिक दबाव नहीं पड़ता।

उपलब्ध विकल्प

- क्रेडिट कार्ड EMI: कई बैंक और बीमा कंपनियां क्रेडिट कार्ड पर EMI सुविधा देती हैं। इसमें आप प्रीमियम को 3, 6 या 12 महीने की किस्तों में बांट सकते हैं।

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