Retirement Planning Fund: आपको रिटायर होने के लिए कितना बड़ा फंड चाहिए? यह सवाल कई लोगों से पूछने पर अलग-अलग जवाब मिलते हैं। ज्यादातर लोगों का जवाब 1 करोड़ से 10 करोड़ रुपये के बीच होता है। हालांकि, यह सिर्फ लोगों का एक अनुमान है। रिटायरमेंट के लिए जरूरी फंड व्यक्ति के लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। यह अमाउंट सबके लिए एक समान नहीं हो सकता।
रिटायरमेंट के बाद कई रेगुलर खर्च बंद हो जाते हैं
एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटायरमेंट के लिए जरूरी फंड का पता लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है। सबसे आसान तरीका यह है कि आप खुद से यह सवाल पूछें कि सैलरी बंद होने पर महीने के खर्च के लिए आपको कितने पैसे चाहिए। रिटायरमेंट के बाद कई रेगुलर खर्च बंद हो जाते हैं। उदाहरण के लिए बच्चों की पढ़ाई पर होने वाला खर्च बंद हो चुका होता है। होम लोन का रीपेमेंट भी हो चुका होता है, जिससे हर महीने EMI चुकाने का बोझ नहीं रहता है।
रिटायरमेंट के बाद हेल्थकेयर जैसे खर्च बढ़ जाते हैं
रिटायरमेंट बाद कुछ खर्च बढ़ जाते हैं। इसमें पहला हेल्थकेयर पर आने वाला खर्च है। घूमने-फिरने पर भी खर्च बढ़ जाता है। हॉलीडे पर जाने के लिए ऑफिस से छुट्टी लेने की जरूरत नहीं पड़ती है। दूसरा, आपको इनफ्लेशन को भी ध्यान में रखना जरूरी है। अगर आपने इनफ्लेशन को ध्यान में नहीं रखा तो आपको पूर कैलकुलेशन गलत हो सकता है। आपको कम से कम 4-7 फीसदी इनफ्लेशन को ध्यान में रखना होगा।
इनफ्लेशन की वजह से बढ़ता रहता है खर्च
आज आपका जितना मासिक खर्च है, वह इनफ्लेशन की वजह से कुछ साल बाद काफी बढ़ जाएगा। इसका मतलब है कि आप 10000 रुपये से जितना ग्रॉसरी आज खरीदते हैं, उतना ही ग्रॉसरी 10 साल बाद खरीदने के लिए काफी ज्यादा पैसे की जरूरत पड़ेगी। 20-25 साल में तो यह फर्क काफी ज्यादा बढ़ जाता है। कई लोग इनफ्लेशन के असर का सही अंदाजा नहीं लगा पाते हैं। इससे उनका कैलकुलेशन भी सही नहीं आता है।
रिटायरमेंट बाद भी इनफ्लेशन का असर जारी रहता है
इस एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझा जा सकता है। मान लीजिए आपका आज मंथली खर्च 50,000 रुपये है। आप जब रिटायर होंगे तब यह खर्च बढ़कर 2-3 लाख रुपये तक हो जाएगा। इसकी एकमात्र वजह इनफ्लेशन है। रिटायरमेंट के बाद भी आपके मंथली खर्च पर इनफ्लेशन का असर जारी रहता है। यह तब तक जारी रहता है जब तक आप जीवित रहते हैं।
रिटायरमेंट फंड का अनुमान लगाने का सामान्य सिद्धांत
कई फाइनेंशियल प्लैनर्स रिटायरमेंट के लिए जरूरी फंड का अंदाजा लगाने के लिए एक आम सिद्धांत का इस्तेमाल करते हैं। उनका कहना है कि आपका रिटायरमेंट फंड आपके सालाना खर्च का करीब 25-30 गुना होना चाहिए। इसके पीछे यह सोच काम करती है कि आप अपने सेविग्स का हर साल करीब 3-4 फीसीद इस्तेमाल करेंगे। इससे आपका पैसा जल्द खत्म नहीं होगा।
लाइफ स्टाइल, शहर रिटायरमेंट की उम्र का भी पड़ता है असर
इसका मतलब है कि अगर आपका सालाना खर्च 20 लाख रुपये रहने वाला है तो आपका रिटायरमेंट फंड करीब 5 करोड़ रुपये होना चाहिए। कई लोग 3 से 8 करोड़ रुपये के रिटायरमेंट फंड को पर्याप्त मानते हैं। हालांकि, यह व्यक्ति के लाइफ स्टाइल, शहर और इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस उम्र में रिटायर करना चाहता है। एक समय था जब 1 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड पर्याप्त माना जाता था। लेकिन, आज इसे पर्याप्त नहीं माना जा सकता।
रिटायरमेंट के बाद लोग अब अपने शौक पूरे करने पर जोर देते हैं
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज रिटायरमेंट बाद लोगों की लाइफ काफी बदल रही है। आज रिटायरमेंट बाद लोग अपनी हॉबी और शौक पूरा करने पर काफी खर्च करते हैं। दूसरा, आज हेल्थकेयर पर आने वाला खर्च काफी बढ़ गया है। लोग प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करना चाहते हैं, जहां मेडिकल केयर काफी महंगा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटायरमेंट के लिए खर्च का अंदाजा लगाने में कंजरवेटिव एप्रोच सही नहीं है।