बहुत से लोग नियमित बचत करते हैं। उनके बैंक अकाउंट में अच्छा पैसा भी होता है और वे पैसों को लेकर लापरवाही वाले फैसले भी नहीं लेते। फिर भी अंदर ही अंदर उन्हें आर्थिक असुरक्षा महसूस होती रहती है। बाहर से सब ठीक दिखता है, लेकिन मन में हमेशा यह डर बना रहता है कि कहीं भविष्य में पैसों की समस्या न आ जाए। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सिर्फ पैसा बचा लेना हमेशा आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं होता।
